तमिलनाडु में चुनाव खत्म होते ही अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) में खींचतान शुरू हो गई है। आज पार्टी के एक और विधायक ने बागी रुख अपनाते हुए इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद पार्टी से बगावत करने वाले विधायकों की संख्या चार हो गई है। वहीं, पार्टी विधायक के इस्तीफा देने के बाद 234 सदस्यीय सदन में अन्नाद्रमुक का संख्याबल 47 से घटकर 43 रह गया है।
अन्नाद्रमुक के एक और विधायक का इस्तीफा।
आज किसने दिया इस्तीफा
आज अंबासमुद्रम के विधायक ई. सुबैया ने तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपा। हालांकि अध्यक्ष ने शुरू में सुबैया का त्यागपत्र यह कहकर लौटा दिया कि वह नियमों के अनुरूप नहीं है। जिसके बाद सुबैया ने तत्काल हस्तलिखित पत्र सौंप दिया,जिसे प्रभाकर ने स्वीकार कर लिया। बाद में तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर ने भी उनके इस्तीफे को स्वीकार करने की बात कही।
'मुख्यमंत्री सी.जोसेफ विजय से मिलना कोई पाप नहीं'
वहीं, सुबैया ने कहा कि उन्होंने यह कदम अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के हित में उठाया है।तमिलगा वेत्री कषगम में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सी.जोसेफ विजय से मिलना कोई पाप नहीं है। मौका मिला तो मिलूंगा। वहींइस्तीफे के तुरंत बाद वह टीवीके नेता एवं राज्य मंत्री एन. आनंद के साथ नजर आए।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अन्नाद्रमुक प्रमुख ई.के.पलानीस्वामी खेमे द्वारा विधानसभा अध्यक्ष से 25 मई को इस्तीफा दे चुके तीन विधायकों के त्यागपत्र न स्वीकार करने का अनुरोध किया गया था। गौरतलब है कि एआईएडीएमके के मरगथम कुमारवेल, पी. सत्यभामा और एस. जयकुमार ने इस्तीफा दे दिया था और टीवीके में शामिल हो गए थे। वहीं, टीवीके के एक सूत्र ने बताया कि कुमारवेल, सत्याभामा और जयकुमार को आगामी उपचुनावों में पार्टी की तरफ से टिकट मिलने की संभावना है। वहीं, अन्नाद्रमुक का दावा है कि तीनों विधायक इस्तीफा अधिसूचित होने से पहले ही सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) में शामिल हो गए थे।
अन्नाद्रमुक ने लगाए खरीद फरोख्त के आरोप
विधायकों के लगातार इस्तीफों के बीच अन्नाद्रमुक ने राजनीतिक दबाव और कथित खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है। इससे पूर्व अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ सचेतक अग्री एसएस कृष्णमूर्ति और राज्यसभा सदस्य आईएस इनबादुरई ने विधानसभा अध्यक्ष प्रभाकर से मुलाकात की थी। उन्होंने विधायकों के इस्तीफों के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा। इसमें उनसे अनुरोध किया कि वह मरगथम कुमारवेल, पी सत्यभामा और एस जयकुमार के इस्तीफे को स्वीकार नहीं करें जिसे बाद में सरकारी राजपत्र में अधिसूचित कर दिया गया है।
कृष्णमूर्ति ने कहा कि विश्वास मत परीक्षण में सरकार के खिलाफ मतदान करने के पार्टी के आदेश का उल्लंघन करने वाले 25 विधायकों को अयोग्य घोषित करने की उनकी पिछली अर्जी अध्यक्ष के समक्ष लंबित है । ऐसे में वह संबंधित विधायकों का इस्तीफा स्वीकार नहीं कर सकते।
उन्होंने दावा किया कि इस्तीफा देने के पांच मिनट के भीतर ही सचिवालय में तीनों को टीवीके की सदस्यता का लेमिनेटेड कार्ड दे दिया गया। उन्होंने कहा कि लोग पूछ रहे हैं कि यह सचिवालय है या टीवीके का मुख्यालय।
कांग्रेस सांसद एस जोतिमणि ने जताई चिंता
वहीं, अन्नाद्रमुक खेमे में जारी घटनाक्रमों के बीच कांग्रेस सांसद एस जोतिमणि ने तमिलनाडु में विधायकों की कथित'खरीद-फरोख्त'पर चिंता व्यक्त की और कहा कि उनकी पार्टी को सत्तारूढ़ टीवीके के इस तरह के कदमों का समर्थन नहीं करना चाहिए क्योंकि राष्ट्रीय पार्टी खुद भी इस तरह के हथकंडों का शिकार रही है।
टीवीके नेता ने किया विधायकों की खरीद-फरोख्त का खंडन
वहीं, टीवीके नेता और राजस्व मंत्री के.ए.सेंगोत्तैयान ने विधायकों की 'खरीद-फरोख्त'के आरोपों का खंडन किया है। विधानसभा अध्यक्ष प्रभाकर ने कहा कि वह कानूनी ढांचे और अपने अधिकारों के भीतर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह निर्धारित प्रारूप में आए इस्तीफे स्वीकार करते हैं।
