पद से हटाने वाले प्रस्ताव पर नोटिस के निपटारे तक सदन नहीं जाएंगे ओम बिरला; नैतिक आधार पर लिया फैसला

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने की अनुमति न मिलने और कांग्रेस की महिला सांसदों के साथ सदन में अनुचित स्थिति पैदा होने के आरोपों को लेकर विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

संसद में जारी गतिरोध के बीच आज विपक्षी सांसदों ने लामबंद होकर लोकसभा अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए लोकसभा महासचिव को अविश्वास प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को सौंपा है। अब लोकसभा सचिवालय के सूत्रों का कहना है कि इस नोटिस की जांच की जाएगी और फिर संवैधानिक नियमों के तहत उस पर एक्शन लिया जाएगा। इस बीच, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने निर्णय लिया है कि नोटिस के निपटारे तक वे सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे। सूत्रों ने बताया कि ऐसा उन्होंने नैतिक आधार पर किया है।

Om Birla

ओम बिरला

स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ क्यों हुआ विपक्ष एकजुट?

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को ’’बोलने की इजाजत नहीं देने’’ तथा कांग्रेस की महिला सांसदों पर सदन में अनुचित स्थिति पैदा करने के आरोपों पर विपक्ष ने अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा सचिवालय को सौंप दिया। निचले सदन में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई, कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश और सांसद मोहम्मद जावेद तथा अन्य ने लोकसभा सचिवालय को यह नोटिस सौंपा। नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और कई अन्य विपक्षी दलों के 100 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

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