Odisha Rail Accident: बालासोर रेल हादसे के बाद ओडिशा के अस्पतालों में लवारिस लाशों का ढेर लगा हुआ है। दर्जनों ऐसी लाशें हैं, जिसकी अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। ये लवारिस लाशें सरकार और अस्पताल प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बन चुकी है। इन लाशों को सही सलामत रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य बन गया है।
ओडिशा रेल हादसे के बाद मुर्दाघरों के बाहर लगा लावारिश लाशों का ढे़र
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लवारिस लाशों का ढेर
बालासोर ट्रेन हादसे के बाद ओडिशा सरकार के सामने एक नया संकट खड़ा हो गया है। मुर्दाघरों में ऐसे शवों का ढेर लगा है जिनकी अभी शिनाख्त नहीं हो पायी है या जिन्हें लेने के लिए कोई दावेदार सामने नहीं आए हैं । ऐसे लावारिस शवों की संख्या इतनी अधिक है कि मुर्दाघरों में जगह कम पड़ गई है। बड़ी संख्या में ऐसे शवों से निपटने में असमर्थ ओडिशा सरकार ने बालासोर से 187 शवों को भुवनेश्वर भिजवाया लेकिन यहां भी जगह की कमी शवगृह प्रशासकों के लिए परेशानी खड़ी कर रही है।
भुवनेश्वर एम्स में 100 शव रखे गए हैं जबकि बाकी शव कैपिटल अस्पताल, अमरी अस्पताल, सम अस्पताल एवं अन्य निजी अस्पतालों में भेजे गये हैं।
एम्स में 40 की सुविधा
भुवनेश्वर एम्स के एक अधिकारी ने कहा कि यहां भी शवों को संभालकर रखना हमारे लिए एक असल चुनौती है क्योंकि हमारे यहां अधिकतम 40 शवों को रखने की सुविधा है। उन्होंने कहा कि शरीर रचना विभाग में अतिरिक्त इंतजाम किये गये हैं। भुवनेश्वर एम्स के प्रशासन ने शवों की पहचान होने तक उन्हें संभालकर रखने के लिए बड़ी संख्या में ताबूत, बर्फ और फार्मलिन रसायन खरीदा है। अधिकारी ने कहा- "गर्मी के इस मौसम में शवों को संभालकर रखना वाकई मुश्किल है।"
ओडिशा के मुख्य सचिव ने क्या कहा
ओडिशा के मुख्य सचिव पी के जेना ने कहा कि शनिवार को 85 एम्बुलेंस से शव भुवनेश्वर लाये गये और अन्य 17 शव रविवार को लाये गये। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशासन के लिए इन शवों की शिनाख्त एक बड़ी चुनौती है क्योंकि दुर्घटना में मारे गये लोग विभिन्न राज्यों के हैं। उन्होंने कहा कि इन यात्रियों का ब्योरा तीन वेबसाइटों- विशेष राहत आयुक्त, भुवनेश्वर नगर निगम और ओडिशा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की वेबसाइटों पर डाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि इन मृत यात्रियों की फोटो युक्त सूची भी वेबसाइटों पर अपलोड कर दी गयी है ताकि उनकी पहचान करने में सहूलियत हो।
