संसद की विदेश मामलों की समिति के चेयरमैन और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमवार को समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बात की। उन्होंने बताया कि बैठक में अमेरिका के साथ मौजूदा हालात और टैरिफ के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। थरूर ने कहा, 'आज की बैठक में कुल 50 सवाल पूछे गए। अमेरिका से हमारे रिश्ते बहुत अहम हैं। टैरिफ एक मुद्दा है, लेकिन इससे कहीं ज्यादा व्यापक संबंध हैं।'
कांग्रेस सांसद शशि थरूर (फाइल फोटो:PTI)
पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के उस बयान पर भी सवाल पूछा गया, जिसमें उन्होंने न्यूक्लियर धमकी दी थी। इस पर थरूर ने कहा, 'सरकार की ओर से साफ कहा गया है कि न्यूक्लियर ब्लैकमेल हम कभी स्वीकार नहीं करेंगे।'
'हमारा यह स्पष्ट संदेश है कि इस तरह की धमकियां हमें अच्छी नहीं लगती'
जब पूछा गया कि क्या अमेरिका की जो टीम व्यापारिक बातचीत के लिए आने वाली थी, वह अब आएगी या नहीं, तो थरूर ने कहा, 'टीम को 25 अगस्त को आना था। अब तक की जानकारी के मुताबिक, अमेरिका की टीम के दौरे में कोई बदलाव नहीं हुआ है।' वहीं, जब पूछा गया कि क्या मुनीर वाले मुद्दे पर भारत की अमेरिका से बातचीत होगी, थरूर ने जवाब दिया, 'यह सवाल विदेश सचिव से पूछा जाना चाहिए, लेकिन हमारा यह स्पष्ट संदेश है कि इस तरह की धमकियां हमें अच्छी नहीं लगती।'
'बाकी बचे हुए 25 प्रतिशत टैरिफ पर भी हमें काम करना है'
थरूर ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच बातचीत एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा, 'अगर यह बातचीत पुतिन से वार्ता के बाद हो रही है, और अगर युद्ध खत्म हो जाता है, तो अमेरिका द्वारा लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ खत्म हो जाएगा, क्योंकि भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ रूस से तेल खरीदने के एवज में लगाया गया।' उन्होंने आगे यह भी कहा कि बाकी बचे हुए 25 प्रतिशत टैरिफ पर भी हमें काम करना है, क्योंकि वह भी भारत को प्रभावित कर रहा है।
