राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM), गृह मंत्रालय (भारत सरकार) ने मेघालय में 'आपदा जोखिम न्यूनीकरण' पर पहले कौशल विकास पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पांच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (FDP) का आयोजन किया है। 27 से 31 जुलाई, 2026 तक मेघालय प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान (MATI), शिलांग में आयोजित यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के उद्देश्यों के अनुरूप शिक्षकों और शिक्षाविदों की क्षमताओं को विकसित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। यह आयोजन NIDM द्वारा इंडिया यूनिवर्सिटीज एंड इंस्टीट्यूशन्स नेटवर्क ऑन डिजास्टर रिस्क रिडक्शन, मेघालय राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (MSDMA) और MATI शिलांग के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान ने मेघालय में आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर प्रथम कौशल विकास पाठ्यक्रम हेतु संकाय विकास कार्यक्रम का आयोजन किया
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य
उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को आपदा प्रबंधन के व्यावहारिक कौशल, ज्ञान और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से लैस करना इस FDP का प्राथमिक उद्देश्य है। इसके माध्यम से शिक्षकों के जरिए विद्यार्थियों में जीवनरक्षक कौशल और आपदा तैयारी को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाएगी, जिससे एक आपदा-लचीले समाज का निर्माण किया जा सके।
इन प्रमुख विषयों पर दिया जा रहा प्रशिक्षण
पांच दिवसीय सत्रों के दौरान विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिनमें मुख्य हैं:
- जोखिम विश्लेषण: हैज़र्ड रिस्क, वल्नरेबिलिटी एवं कैपेसिटी (HRVC) विश्लेषण और आपदा प्रबंधन योजना।
- आपातकालीन प्रतिक्रिया: इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS), भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन रणनीति।
- सामाजिक एवं डिजिटल पहलू: आपदाओं के समय मनोसामाजिक सहायता, संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा और नई तकनीकों का एकीकरण।
एनडीआरएफ और रेड क्रॉस द्वारा व्यावहारिक प्रशिक्षण
इस कार्यक्रम में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है। NDRF, SDRF, भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी और अग्निशमन सेवाओं के विशेषज्ञ प्रतिभागियों को जीवनरक्षक तकनीकों का लाइव प्रदर्शन और अभ्यास करवा रहे हैं। जिसमें प्राथमिक उपचार और कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR), खोज एवं बचाव कार्य (Search & Rescue) की तकनीकें और अग्नि सुरक्षा और अग्निशामक यंत्रों का उपयोग शामिल हैं।
प्रमुख आयोजक एवं नेतृत्व
यह FDP कार्यक्रम मधुप व्यास (IAS), कार्यकारी निदेशक, NIDM के मार्गदर्शन में आयोजित हो रहा है। कार्यक्रम समन्वयक की भूमिका डॉ. अजींदर वालिया (एसोसिएट प्रोफेसर एवं अध्यक्ष, GIDRR, NIDM) और सह-समन्वयक की भूमिका में डॉ. प्रीति सोनी (वरिष्ठ परामर्शदाता, IUINDRR, NIDM), सुश्री के. वानियांग (DDMO HQ, MSDMA), और सुश्री एम. लैंगस्टीह (MATI) हैं।
