Kerala Explosives Case: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में बड़े पैमाने पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई केरल के मलप्पुरम जिले में (Malappuram Explosives Seizure) भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिलने के मामले से जुड़ी है। जांच एजेंसी इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा मानकर इसकी गहराई से जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, इस साल फरवरी में केरल पुलिस ने मलप्पुरम जिले से बड़ी मात्रा में अवैध विस्फोटक सामग्री बरामद की थी। बरामद सामान में जेलाटिन स्टिक्स जैसी खतरनाक सामग्री भी शामिल थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में जांच एनआईए को सौंप दी गई थी।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले में NIA की गहन जांच जारी (फाइल फोटो)
जांच में मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव, दस्तावेज और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त
एनआईए (NIA Raids) ने इसी मामले में तीनों राज्यों में एक साथ 19 स्थानों पर छापेमारी की। जांच टीम ने आरोपियों के घरों, उनके सहयोगियों के ठिकानों और विस्फोटक सामग्री से जुड़े कारोबारियों के यहां तलाशी ली। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव, दस्तावेज और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। इसके अलावा कुछ विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है। इन सबूतों की जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। अब तक इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।
जांच एजेंसियों ने कही बड़ी बात
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह केवल अवैध विस्फोटकों का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा और संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। एनआईए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। जांच एजेंसी का कहना है कि यदि समय रहते यह सामग्री बरामद नहीं होती, तो इसका गलत इस्तेमाल होने का खतरा था। फिलहाल जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की जांच जारी है। अधिकारियों का मानना है कि इससे कई नए सुराग मिल सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। एनआईए की कार्रवाई को देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
