2047 तक इस्लामिक खिलाफत की साजिश? RSS-BJP नेताओं को निशाना बनाने की योजना, अबूबकर समेत PFI के 21 लोगों पर NIA कोर्ट ने तय किए आरोप

PFI Case: दिल्ली के पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए कोर्ट ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के प्रमुख ई. अबूबकर समेत 21 पदाधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप तय किए हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई 2026 को तय की है।

PFI Case: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट स्थित स्पेशल NIA कोर्ट ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ चल रहे बहुचर्चित मामले में बड़ा आदेश पारित करते हुए संगठन के चेयरमैन O.M.A. सलाम, संस्थापक चेयरमैन और पूर्व वाइस चेयरमैन ई.एम. अबूबकर समेत कुल 21 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने प्रथम दृष्टया माना है कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री यह गंभीर संदेह पैदा करती है कि आरोपी PFI और उसकी राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद (NEC) के माध्यम से भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को उखाड़ फेंकने और वर्ष 2047 तक या उससे पहले शरिया आधारित इस्लामिक खिलाफत स्थापित करने की साजिश में शामिल थे।

E Abubacker

देश के खिलाफ साजिश और आतंकी फंडिंग के आरोप (फाइल फोटो)

कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के अलावा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आपराधिक साजिश, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की तैयारी, आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाने, प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने, भर्ती करने और आतंकवादी गतिविधियों की तैयारी जैसे गंभीर आरोप तय किए हैं। मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई 2026 को होगी। अदालत ने सभी आरोपियों को उस दिन पेश होने का निर्देश दिया है।

End of Feed