बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले एक अलग ही समीकरण दिख रहा है। लालू यादव और उनकी पार्टी से कांग्रेस अब दूरी बनाती दिख रही है। सिर्फ कांग्रेस ही नहीं बल्कि एक और सहयोगी पार्टी वीआईपी भी दूर दिख रही है, हालांकि एक नया समीकरण भी सामने आया है, अभी तक एनडीए के साथ रहने वाले चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस, अब राजद की ओर जाते दिख रहे हैं।
लालू यादव की इफ्तार पार्टी में पहुंचे नेता (फोटो- @Arunrjd)
बिहार में कांग्रेस-राजद में सबुकछ ठीक नहीं?
दरअसल सोमवार को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की ओर से इफ्तार पार्टी दी गई थी, जिसमें से कांग्रेस के दिग्गज नेता गायब रहे, वहीं वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश साहनी भी नहीं पहुंचे। कांग्रेस हाल के दिनों में राजद से अलग बिहार में अपने आप को मजबूत करती दिख रही है, लालू के चहेते कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह को कांग्रेस हटा चुकी है, कन्हैया के नेतृत्व में बिहार में पलायन रोको, नौकरी दो यात्रा निकाल रही है। कन्हैया कुमार से राजद पहले ही असहज रही है। ऐसे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का लालू की इफ्तार पार्टी से गायब रहना एक अलग ही कहानी बयां कर रहा है।
लालू को मिला पारस का साथ
हालांकि इस इफ्तार पार्टी में लालू यादव को लोजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस पहुंचे। चिराग पासवान से नाराज चल रहे पशुपति पारस फिलहाल एनडीए में है, लेकिन लोकसभा चुनाव में पार्टी को एक भी सीट नहीं मिलने और चिराग के केंद्र में मंत्री बनने से वो बीजेपी से नाराज चल रहे हैं, ऐसे में वो अगले विधानसभा चुनाव में लालू यादव के साथ जा सकते हैं।
क्या बोली राजद
राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के आवास पर इस इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था। सिद्दीकी ने सहयोगी दल कांग्रेस के स्थानीय बड़े नेताओं के नहीं पहुंचने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि रमजान का यह आखिरी अशरा है। उनके क्षेत्र में भी इफ्तार पार्टी होगी या उन्होंने भी इफ्तार पार्टी का आयोजन किया होगा। मगर ऐसा नहीं है कि उनका प्रतिनिधित्व नहीं है। उनके बहुत सारे लोग आए हैं।
