NEET Paper Leak: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले के आरोपी डॉ. मनोज सिरूरे की जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया। अदालत में सुनवाई के दौरान एजेंसी ने कहा कि पेपर लीक का यह अपराध सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के खिलाफ एक बड़ा अपराध है जिसने भारत की प्रतिष्ठा को गहरा आघात पहुंचाया है।
नीट पेपर लीक मामले पर कोर्ट में हुई सुनवाई। AI IMAGE
सीबीआई ने दलील देते हुए अदालत से कहा कि इस लीक कांड की वजह से लाखों योग्य छात्रों का भविष्य अधर में लटका और कई मायूस होकर आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर हुए।डॉ. मनोज सिरूरे पर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र तक अनधिकृत पहुंच बनाने और उसे लीक करने के नेटवर्क में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप है।
जमानत याचिका पर अदालत 22 जुलाई को सुनाएगी फैसला
जांच एजेंसी ने दलील दी कि मामले की संवेदनशीलता और मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुंचने के लिए आरोपी को फिलहाल राहत नहीं दी जानी चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमानत याचिका पर अपना फैसला 22 जुलाई तक के लिए सुरक्षित रख लिया है।
इसके अलावा, एजेंसी ने बताया कि महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक कोचिंग सेंटर संचालक के मोबाइल फोन से मिले 136 हस्तलिखित केमिस्ट्री सवालों में से 111 सवाल राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के मास्टर प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते हैं। CBI ने यह जानकारी आरोपी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए अदालत में दी।
10 लाख रुपये में बेची गई थी पीडीएफ
CBI के मुताबिक, लीक हुए प्रश्नपत्रों की PDF फाइलें टेलीग्राम के जरिए 10 लाख रुपये में बेची गईं। जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा से पहले 410 सवालों वाला 150 पन्नों का एक "गेस पेपर" भी कुछ अभ्यर्थियों को दिया गया था, जिसमें से करीब 120 सवाल NEET-UG 2026 के केमिस्ट्री सेक्शन में पूछे गए।
