NEET Paper Leak कांड : 'इंपॉर्टेंट क्वेश्चन' के नाम पर हुआ बड़ा खेल, पेपर तैयार करने वाले एक्सपर्ट्स ही निकले मास्टरमाइंड

एनटीए द्वारा नियुक्त तीन विषय विशेषज्ञों पी.वी. कुलकर्णी, मनीषा गुरुनाथ मंधारे और मनीषा संजय हवलदार ने अपनी जिम्मेदारी का दुरुपयोग करते हुए अंतिम प्रश्नपत्र के सवाल याद कर लिए और उन्हें अपने ट्यूशन सेंटर के छात्रों तक 'महत्वपूर्ण प्रश्न' बताकर पहुँचा दिया।

राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 में प्रश्नपत्र तैयार करने और उसके अनुवाद का काम एक ही समूह के लोगों से कराए जाने की वजह से संभवत: परीक्षा की गोपनीयता से समझौता हुआ। सूत्रों ने यह बात कही है। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इस बारे में जानकारी अनौपचारिक रूप से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को दे दी है और संभव है कि अपनी औपचारिक सिफारिशों में भी इसका उल्लेख करे। अधिकारियों के अनुसार, नीट-यूजी 2026 में हुईं गड़बड़ियां 2024 की अनियमितताओं से पूरी तरह अलग थीं। वर्ष 2024 में एक परीक्षा केंद्र प्रभारी ने कथित तौर पर प्रश्नपत्र लीक करने वाले गिरोह के साथ मिलकर प्रश्नपत्र की चोरी और उसे बांटने में मदद की थी।

NEET Paper LEAK 2026

नीट पेपर लीक मामला (AI Image)

उन्होंने बताया कि 2024 की जांच के बाद सीबीआई ने प्रश्नपत्र को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने, उसकी सुरक्षा और परीक्षा कराने की व्यवस्था में कई बदलाव करने के सुझाव एनटीए को दिए थे, ताकि प्रश्नपत्र की गोपनीयता बनी रहे।

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