देश भर में गरमाए NEET पेपर विवाद और जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलनों के बीच राजनीतिक बयानबाजी चरम पर पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुक्रवार देर रात जारी एक वीडियो संदेश पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पलटवार किया है। खरगे ने साफ कर दिया है कि विपक्ष संसद में शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए सरकार को पहले कड़े कदम उठाने होंगे।
शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा को लेकर खरगे ने बताई शर्त (फाइल फोटो)
'एकतरफा मन की बात न करें PM'- खरगे
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट साझा करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि "जब संसद चल रही होती है तो प्रधानमंत्री को संसद के पटल पर स्टेटमेंट देना होता है, देर रात एक वीडियो बनाकर संसद के बाहर एकतरफा 'मन की बात' नहीं करनी होती! नरेंद्र मोदी जी, आज संसद में आने से पहले धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करके आइएगा। पहले छात्रों से माफी मांगिए और जिन्होंने लाठी-डंडे, पेलेट गन का इस्तेमाल छात्रों की आवाज दबाने के लिए करवाया है, उन पर कड़ी कार्रवाई कीजिए। फिर हम शिक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार हैं।"
PM मोदी का वीडियो संदेश और कैबिनेट बैठक का ऐलान
इससे पहले शुक्रवार देर रात जारी वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच छात्रों को भरोसा दिलाया कि "पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है और इस मामले में और भी बड़ी व कड़ी कार्रवाई होगी।" पीएम ने जानकारी दी कि शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट बैठक में पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कानून और दंडात्मक उपायों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: उच्च शिक्षा सचिव हटाए गए
विवाद के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद से वरिष्ठ IAS अधिकारी विनीत जोशी को तत्काल प्रभाव से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त कर दिया गया है। उनकी जगह नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया है। इसी बीच, 26 दिनों से जारी अपनी भूख हड़ताल को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने समाप्त कर दिया है। मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
