NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले की तह तक पहुंचने और आरोपियों को अपने फंदे में लेने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। गुरुवार को सीबीआई ने पटना से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया तो हजारीबाग में आरोपी प्रिंसिपल से लगातार दूसरे दिन पूछताछ हुई। गुजरात के पंचमहल स्थित दो स्कूलों में उसने रेड भी डाला। जांच एजेंसी पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया के बारे में जानकारी जुटा रही है। सूत्रों की मानें तो जांच एजेंसी संजीव के बारे में पता लगाने के बेहद करीब पहुंच चुकी है।
नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने तेज की अपनी कार्रवाई।
छात्रों के लिए सेफ हाउस की व्यवस्था करता था आशुतोष
सीबीआई ने पटना से मनीष प्रकाश और आशुतोष को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आशुतोष छात्रों के लिए सेफ हाउस की व्यवस्था करता था। जबकि मनीष प्रकाश अपनी गाड़ी में छात्रों को लाने और ले जाने का काम करता था। छात्रों को आशुतोष के घर में ही ठहराने की बात कही जा रही है। गिरफ्तारी के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। पेपर लीक कांड में सीबीआई ने यह पहली गिरफ्तारी की है। पेपर लीक कांड के तार जहां भी जुड़ते दिख रहे हैं, जांच एजेंसी वहां हरकत में आ जा रही है।
जांच के दायरे में ओएसिस स्कूल
सीबीआई की जांच के दायरे में हजारीबाग का ओएसिस स्कूल भी है। प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल के अलावा स्कूल के स्टॉफ से भी पूछताछ हो रही है। स्कूल के प्रिंसिपल से लगातार दूसरे दिन पूछताछ हुई। सीबीआई ने कूरियर कंपनी के कई लोगों से पूछताछ की है। प्रिंसिपल से पूछताछ करने के बाद सीबीआई उन्हें लेकर वहां से निकली। दरअसल, इओयू की जांच शुरू होने पर पटना के सेफ हाउस में प्रश्नपत्र के जो जले हुए हिस्से मिले थे वे बुकलेट नंबर 6136488 के थे। जब इसकी जांच हुई तो पता चला यह बुकलेट नंबर हजारीबाग के ओएसिस स्कूल के एक कमरे के थे। यह बुकलेट संख्या एक महिला अभ्यर्थी को दिया गया था। इस मामले में ईओयू की टीम भी प्रिंसिपल से पूछताछ कर चुकी है।
जले हुए प्रश्नपत्र के मिलान के बाद घेरे में स्कूल
ईओयू ने एक बयान में बताया कि कुख्यात संजीव कुमार उर्फ लूटन मुखिया गिरोह ने लीक हुआ नीट-स्नातक प्रश्नपत्र हजारीबाग के ओएसिस स्कूल से कथित तौर पर प्राप्त किया था। बयान के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने पटना के मकान से मिले आंशिक रूप से जले हुए प्रश्नपत्र का मिलान एनटीए द्वारा उपलब्ध कराए गए संदर्भ प्रश्नपत्र से किया, जिससे प्रश्न पत्र लीक होने के मामले का खुलासा हुआ। अधिकारियों ने हालांकि बताया कि स्पष्ट रूप से यह सामने नहीं आ पाया कि कथित प्रश्न पत्र लीक के पीछे कौन है। हक ने संवाददाताओं से कहा कि प्रश्नपत्र ले जाने वाले बॉक्स को नहीं खोला जा सका क्योंकि इसका 'डिजिटल लॉक' खराब हो गया था। उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्होंने एनटीए से संपर्क किया।
ईओयू ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया
हक ने कहा कि एनटीए ने उन्हें बॉक्स खोलने के लिए कटर का उपयोग करने को कहा। प्रश्नपत्र रखने वाले बक्सों में दो ताले लगे हुए हैं, एक मैनुअल ताला जिसे चाबी और कटर से खोलना होता है और दूसरा 'डिजिटल लॉक', जो परीक्षा से 45 मिनट पहले बीप की आवाज के साथ खुलता है। सीबीआई ने जांचकर्ताओं द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्यों को अपने कब्जे में ले लिया और ईओयू के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। ईओयू ने मामले के सिलसिले में 18 लोगों को गिरफ्तार किया है।
