महाराष्ट्र की राजनीति में कब क्या हो जाए कहा नहीं जा सकता था। अभी तक एनसीपी मुखिया शरद पवार के भतीजे अजीत पवार भाजपा के नजदीक दिख रहे थे, अब शरद पवार ने जो किया है, वो कांग्रेस और उद्धव ठाकरे को शायद ही पसंद आए। कांग्रेस को तो आ भी जाए, उद्धव ठाकरे को तो बिलकुल पसंद नहीं होगा। जिस एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे की सरकार गिराई थी, उसी को एक कार्यक्रम का न्यौता देने शरद पवार एकनाथ शिंदे से मिलने पहुंच गए। हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात के कुछ और भी चर्चे हैं।
एकनाथ शिंदे से मिले शरद पवार
शरद पवार ने दिया न्यौता
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार ने बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात कर, उन्हें मराठा मंदिर संगठन के 75वें स्थापना दिवस समारोह के लिए आमंत्रित किया। पवार ने मालाबार हिल में स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास वर्षा में शिंदे से मुलाकात की। पवार मुंबई स्थित मराठा मंदिर संस्था के अध्यक्ष हैं।
क्या हुई बात
पवार ने कहा कि उन्होंने कलाकारों और मराठी फिल्म उद्योग तथा रंगमंच से जुड़े लोगों के सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए एक बैठक आयोजित करने के लिए मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ करीब आधे घंटे तक की मीटिंग हुई। पिछले साल महा विकास अघाड़ी सरकार गिरने के बाद और शिंदे के मुख्यमंत्री बनने के बाद पवार के साथ यह पहली बैठक थी।
महाराष्ट्र में खेला
एमवीए में तीन पार्टी है। कांग्रेस, उद्धव गुट की शिवसेना और एनसीपी। एनसीपी मुखिया शरद पवार के भतीजे अजीत पवार को लेकर पहले से ही अटकलें हैं कि वो बीजेपी के साथ जा सकते हैं। बीजेपी के नेताओं से वो संपर्क में भी हैं। अजीत पवार पहले भी बगावत कर चुके हैं। अब शरद पवार की शिंदे के साथ मुलाकात भी कुछ अलग ही कहानी बयां कर रही है।
