देश में भले ही बीते कुछ समय से हिंदू और मुस्लिम का विवाद सियासी तामझाम के बीच गर्माया हुआ हो, मगर असल हिंदुस्तान की रूह अनेकता में एकता वाले कॉन्सेप्ट पर बसती है। यह हमारे मुल्क की गंगा-जमुनी तहजीब ही कि इतने सारे धर्म, जाति और पर्व होने के बाद भी लोग दूसरे धर्मों का न केवल सम्मान करते हैं बल्कि उनके जश्न में शामिल भी होते हैं।
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ऐसे ही कुछ ताजी नजीर उत्तर प्रदेश की जेलों में इस साल नवरात्रि के दौरान देखने को मिली है। वहां हिंदुओं के साथ सैकड़ों मुस्लिम भाइयों ने व्रत रखा और रोज पूजा-अर्चना भी की। यह आस्था का अनोखा और अलहदा संगम नहीं कहलाएगा तो क्या कहा जाएगा?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुजफ्फरनगर जिला जेल में 200 से अधिक मुस्लिम कैदियों ने नवरात्रि का व्रत रखा। फिलहाल वहां तीन हजार बंदी सजा काट रहे हैं। इनमें 1100 हिंदू और 218 मुस्लिम कैदियों ने व्रत रखा। बताया जाता है कि वहां देवी मां की रोज आरती और पूजा अर्चना की जाती है। समय समय पर वहां भजन और कीर्तन किया जाता है।
व्रतियों के लिए जेल में अलग खाना भी बनता है, जबकि सभी साथ में मिलकर व्रत तोड़ते हैं और फलाहार करते हैं। पत्रकारों को इस बारे में जेल अधीक्षक ने कहा-218 मुस्लिम कैदियों ने व्रत रखा है।
सबसे रोचक बात है कि साल 2013 में इसी मुजफ्फरनगर शहर दंगे के आगोश में आ जला था और अब वहीं से सांप्रदायिक सौहार्द की यह नजीर वाली खबर आई है। यही नहीं अलीगढ़, बुलंदशहर, लखनऊ, नोएडा, सिद्धार्थनगर, अयोध्या व गोरखपुर में भी मुस्लिम कैदियों ने व्रत रखा।
