Navbharat Navnirman Manch 2024: नवभारत नवनिर्माण मंच पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में 500 वर्षों के बाद राम लला अपने दिव्य भव्य एवं नव्य अयोध्या में विराजमान हुए हैं। यह नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है। स्वाभाविक रूप से हर व्यक्ति को बोलने का पूरा अधिकार है। लोगों का नजरिया क्या है और परिणाम क्या है। ये दो चीजें मायने रखती हैं। 2017 के पहले का उत्तर प्रदेश और 2017 के बाद का यूपी। 2014 के पहले का भारत और 2014 के बाद का भारत। जब हम भारत की बात करते हैं तो हमें आज के संदर्भ में देखना चाहिए। करीब 10 वर्षों का कालखंड देखें तो आज के नए मतदाता 10 से 12 साल के रहे होंगे। जो इससे अधिक उम्र के हैं उन्हें बतानी चाहिए कि 2014 के पहले भारत की स्थिति क्या थी?
वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति क्या थी?
वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति क्या थी? सीमाओं की स्थिति क्या थी? यह किसी से छुपा नहीं है। आंतरिक स्थिति बिगड़ी हुई थी। कश्मीर में 2005 से 2014 तक पत्थरबाजी होती थी, पर्यटन खत्म हो चुका था। हमने पूर्वोत्तर की स्थिति भी देखी थी। 2014 से पहले वह देश से कट गया था। नक्सलियों की चुनौती को भी हमने देखा था। राष्ट्रमंडल खेल तो बाद में हुए भ्रष्टाचार पहले आ गया था। मंत्री को जेल जाना पड़ा। वह दौर भी देश देखा।
पहले गरीब कल्याणकारी योजना की नहीं होती थी कोई चर्चा
हर एक क्षेत्र में भ्रष्टाचार और घोटालों का लंबा दौर चला। बुनियादी सरंचना के बारे में कोई चर्चा नहीं करता था। गरीब कल्याणकारी योजना के बारे में कोई चर्चा नहीं होती थी। लेकिन 2014 के बाद बदले हुए भारत को हमने देखा है। वैश्विक स्तर पर केवल सम्मान नहीं मिला है बल्कि वह नेतृत्व भी कर रहा है। अपनी अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ कर रहा है। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में ब्रिटेन को पीछे छोड़कर दुनिया की पांचवी अर्थव्यवस्था बना है। हाई वे रेलवे मेट्रो, एयर कनेक्टिविटी, रैपिड रेल, आधुनिकतम सुविधाएं देखने को मिल रही हैं। गरीब कल्याण योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के हर नागरिक को मिल रहा है।
मार्च 2017 तक फिसड्डी था यूपी
यह नया भारत है। 2014 से पहले उत्तर प्रदेश की हालत सबको पता है। पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में हर एक क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है। उत्तर प्रदेश आम जनमानस की भावनाओं का प्रतिबंब बना है। मार्च 2017 तक यूपी फिसड्डी और देश के विकास में बाधा माना जाता था। यूपी हर योजना में पीछे था। युवा देश में अपनी पहचान छिपाता था। आबादी हमारी नंबर एक पर थी लेकिन अर्थव्यवस्था में पांचवें-छठवें स्थान पर थे।
