नासिक IT केस: 'पीछे से मेरी साड़ी खींची...बोला- अगर मैं पति होता तो…’; परेशान पीड़िता के बयान से खुले बड़े राज

नासिक स्थित एक आईटी कंपनी में एक महिला कर्मचारी ने कई सहकर्मियों पर महीनों तक यौन उत्पीड़न, पीछा करने और धार्मिक टिप्पणियां करने के आरोप लगाए हैं। Times Now Navbharat के हाथ लगी पीड़िता के बयान की कॉपी में आपत्तिजनक सवाल और साड़ी खींचने जैसी घटनाओं का जिक्र है।

महाराष्ट्र के नासिक में आईटी कंपनी टीसीएस में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न का मामला चर्चा में है। मामले में मुख्य आरोपी निदा खान हैं, जो एचआर एग्जीक्यूटिव हैं। उनके द्वारा पांच सहकर्मियों द्वारा महीनों तक यौन उत्पीड़न, पीछा करने, अनुचित स्पर्श और उसके धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वहीं अब इस मामले में एक पीड़िता के बयान की एक कॉपी Exclusive Times now navbharat के हाथ लगी है। जिसमें महीनों तक चले उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का सिलसिलेवार ब्योरा सामने आया है। बयान के विश्लेषण से यह संकेत मिलते हैं कि कंपनी के भीतर महिलाओं के साथ व्यवहार का एक चिंताजनक पैटर्न मौजूद हो सकता है।

क्या है नासिक का मामला

क्या है नासिक का मामला (AI Image)

बयान में क्या-क्या है?

पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि जून 2025 में नासिक में उसकी तीन महीने की ट्रेनिंग शुरू हुई थी। वहां ट्रेनिंग देने के लिए क्वालिटी लीड शाहरुख कुरैशी और जयेश गुंजाळ थे। लेकिन टीम का लीडर रजा मेनन, जिसका ट्रेनिंग से कोई संबंध नहीं था, वह बार-बार ट्रेनिंग रूम में आकर मेरे पास खड़ा होकर मेरे निजी जीवन के बारे में पूछता था। उसके सवाल ऐसे थे जैसे कि “तुम्हारा पति बाहर रहता है तो तुम सब कैसे मैनेज करती हो? तुम्हें डर नहीं लगता? कुछ जरूरत हो तो मुझे बताना, मैं कभी भी मदद करूंगा।”

पीड़िता ने आगे आरोप लगाया कि रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी दोनों ने उनकी शादी पर भी सवाल उठाए। उसने पूछा कि क्या उसकी 'अरेंज मैरिज है या लव मैरिज'। पीड़िता ने बताया कि मेमन ने कथित तौर पर उसे ‘प्लेयर’ निकनेम दिया। ऑफिस में बार-बार उन्हें इसी नाम से पुकारते थे। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, 'मेमन ने उसके बहुत करीब खड़े होकर यह भी कहा कि अगर मैं तुम्हारे पति की जगह होता, तो मैं तुम्हें अकेला नहीं छोड़ता।

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