Murshidabad violence: वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। वरिष्ठ वकील विष्णु शंकर जैन ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने सहित राज्य में अर्धसैनिक बलों की तैनाती करने की मांग की है। जैन ने जस्टिस गवई की पीठ से कहा है कि राज्य मौजूदा हिंसा को देखते हुए अर्धसैनिक बलों की तत्काल तैनाती की आवश्यकता है। सुप्रीम कोर्ट इस अर्जी पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है।
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हिंसा।
बंगाल में अर्धसैनिक बलों की हो तैनाती
विष्णु जैन ने कहा कि 'इस मामले पर पहले से पश्चिम बंगाल मे विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामले में मेरी याचिका लंबित है जिस पर सुप्रीम कोर्ट 2022 में ही नोटिस जारी कर चुका है। यह मामला मंगलवार को सुनवाई के लिए लिस्टेड है। इसी मामले मे हमने मौजूदा हिंसा को लेकर एक अर्जी दाखिल की है जिसमें अर्धसैनिक बलों की तैनाती, तीन रिटायर जजों की निगरानी में जांच कराने की मांग की है। साथ ही राज्यपाल से इसकी रिपोर्ट मांगी जाए। इस हिंसा में हिन्दुओं के पलायन की जानकारी मुहैया कराई जाए।'
इस मांग पर टिप्पणी करते हुए जस्टिस बीआर गवई ने पूछा कि क्या आप चाहते हैं कि हम केंद्र सरकार को आदेश दें? हम पर पहले से ही आरोप लग रहा है कि हम कार्यपालिका के अधिकारों में दखल दे रहे हैं। संविधान के अनुच्छेद 355 के तहत सुप्रीम कोर्ट से राज्यपाल से राज्य की स्थिति पर रिपोर्ट की मांग की है।
याचिका में मांग
1. तीन रिटायर्ड जजों की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई जाए2. फैक्ट फाइंडिंग कमेटी पश्चिम बंगाल भेजी जाए
3. अर्ध सैनिक बलों की तैनाती हो
4. अनुच्छेद 355 के तहत राज्यपाल से राज्य की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी जाए
5. हिंसा के बाद असम पलायन कर गए हिंदू परिवारों के बारे में रिपोर्ट ली जाए
