Mumbai Ahmedabad Bullet Train Project: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने एक और पड़ाव पार कर लिया है। इंजीनियरों को इस रूट पर पहली पर्वतीय सुरंग बनाने में सफलता हाथ लगी है। यह सुरंग बनाना काफी मुश्किल था, जिसे बनाने में अब सफलता हाथ लग गई है।
वलसाड में पहली पर्वतीय सुरंग बनाने में मिली सफलता
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10 महीने से हो रहा था निर्माण
गुजरात के वलसाड में मुंबई-अहमदाबाद उच्च गति वाले रेल गलियारे यानी बुलेट ट्रेन के मार्ग में पहली पर्वतीय सुरंग बनाने में गुरुवार को कामयाबी मिल गयी। नेशनल हाईस्पीड रेल कोरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने यह जानकारी दी है। एनएचएसआरसीएल ने एक बयान में कहा कि ‘नयी आस्ट्रियाई सुरंग विधि’ (एनएटीएम) के जरिए 10 महीने में इस सुरंग का निर्माण किया गया है जो गुजरात में वलसाड के उम्बेरगांव तालुका में जरोली गांव से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर है।
दो ट्रैक बनेंगे
बयान में इस सुरंग के बारे में जानकारी देते हए कहा कि 350 मीटर लंबी इस सुरंग का व्यास 12.6 मीटर और ऊंचाई 10.25 मीटर है। घोड़े के नाल आकार वाली इस सुरंग में बुलेट ट्रेन के लिए दो ट्रेन ट्रैक होंगे।
समुद्र के नीचे भी सुरंग
मुंबई-अहमदाबाद उच्च रफ्तार रेल गलियारे में पहाड़ों से गुजरने वाली सात सुरंगें होंगी और उन सभी का निर्माण एनएटीएम के माध्यम से किया जाएगा। उच्च रफ्तार वाले इस ट्रेन गलियारे में मुंबई में बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स और ठाणे जिले के शिल्पहटा के बीच 21 किलोमीटर लंबी सुरंग भी होगी जिसका सात किलोमीटर हिस्सा ठाणे क्रीक (खाड़ी) में होगा यानी कि यह समुद्र के नीचे से गुजरने वाली देश की पहली सुरंग होगी।
