Mukul Roy : 'लापता' मुकुल रॉय सामने आ गए हैं। साथ ही उनके भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की अकटलें एक बार फिर तेज हो गई हैं। सोमवार को उनके बेटे सुभ्रांशु ने अपने पिता के लापता होने की शिकायत बिधाननगर पुलिस थाने में दर्ज कराई थी। बेटे ने कहा कि उनके पिता रविवार शाम दिल्ली के लिए रवाना हुए लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। मंगलवार रात रॉय ने कहा कि वह अब भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हैं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलना चाहते हैं क्योंकि भाजपा में लौटने के इच्छुक हैं।
सोमवार को दिल्ली आए थे मुकुल रॉय।
मैं अमित शाह से मिलना चाहता हूं-रॉय
बताया गया कि रॉय सोमवार रात ‘कुछ निजी काम’ से दिल्ली गए थे, हालांकि शुरू में उनके परिवार ने दावा किया था कि वह ‘लापता’ हो गए हैं। परिवार ने दावा किया कि उनकी ‘मानसिक स्थिति ठीक’ नहीं है और कहा कि भाजपा को टीएमसी नेता का इस्तेमाल कर गंदी राजनीति नहीं करनी चाहिए, जो कि अस्वस्थ हैं। मंगलवार शाम को एक बंगाली समाचार चैनल से रॉय ने कहा, ‘मैं एक भाजपा विधायक हूं। मैं भाजपा के साथ रहना चाहता हूं। पार्टी ने मेरे यहां ठहरने के लिए इंतजाम किए हैं। मैं अमित शाह से मिलना चाहता हूं और जे पी नड्डा से बात करना चाहता हूं।’
अपने बेटे को भी भाजपा में शामिल होने की दी सलाह
बता दें कि रॉय साल 2017 में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। बीते विधानसभा चुनाव में वह भाजपा के टिकट पर कृष्णानगर नॉर्थ सीट से विजयी हुए लेकिन चुनाव के कुछ दिन बाद वह वापस टीएमसी में चले गए। उन्होंने कहा, ‘मैं कुछ समय से अस्वस्थ था, इसलिए मैं राजनीति से दूर था। लेकिन अब मैं ठीक हूं और मैं फिर से राजनीति में सक्रिय होऊंगा। मैं अब टीएमसी के साथ कभी संबंध नहीं रखूंगा।’ रॉय ने अपने बेटे शुभ्रांशु को भी एक सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘उन्हें (शुभ्रांशु को) भी भाजपा में शामिल हो जाना चाहिए क्योंकि यह उनके लिए सबसे उपयुक्त होगा।’
मेरे पिता का मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं-सुभ्रांशु
वहीं, रॉय के बेटे सुभ्रांशु का कहना है कि उनके पिता अब वह नहीं हैं जो तीन साल पहले थे उन्होंने कहा, 'मैंने उन्हें यह कहते हुए देखा कि वह विधायक और दिल्ली से सांसद हैं। क्या स्थिर मानसिकता का कोई व्यक्ति ऐसा बोल सकता है? मेरा पिता का मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं है।' सुभ्रांशु ने आगे कहा कि 'मेरे पिता की मासिक आय 21000 रुपए है। वह एक दिन में 18 दवाएं लेते हैं।' सुभ्रांशु ने कहा कि शारीरिक एवं मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति का 'राजनीतिक इस्तेमाल' करना गलत है।
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि 'मुकुल राय सप्ताह में तीन दिन भाजपा में और तीन दिन तृणमूल में रहते हैं। रविवार को वह चाय पीते हुए आराम करते हैं।'
