मंदिर या कमाल मौला मस्जिद? भोजशाला विवाद पर आज अहम फैसला सुनाएगा मध्य प्रदेश HC

सुनवाई के दौरान हिंदू, मुस्लिम और जैन समुदायों के याचिकाकर्ताओं ने विस्तृत दलीलें पेश कीं और स्मारक में अपने-अपने समुदाय के लोगों के लिए उपासना का विशेष अधिकार मांगा है। यह स्मारक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित है।

Bhojshala Row: मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने धार के भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद परिसर की धार्मिक प्रकृति के विवाद के मामले में फैसला सुनाने के लिए 15 मई (शुक्रवार) की तारीख तय की है। मामले से जुड़े वकीलों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने इस मामले से संबंधित पांच याचिकाओं और एक रिट अपील पर छह अप्रैल से नियमित सुनवाई शुरू की थी। सभी संबद्ध पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने 12 मई (मंगलवार) को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

bhojshala

भोजशाला मंदिर।

हजारों दस्तावेजों की पृष्ठभूमि में सुनवाई हुई

मामले से जुड़े वकीलों ने बताया कि उच्च न्यायालय द्वारा शुक्रवार के लिए जारी वाद सूची में भोजशाला विवाद को लेकर दायर सभी छह मुकदमों में निर्णय सुनाने का जिक्र किया गया है। उच्च न्यायालय ने विवादित स्मारक से जुड़े अलग-अलग धार्मिक विश्वासों, ऐतिहासिक दावों, कानूनी प्रावधानों की जटिलताओं के साथ ही हजारों दस्तावेजों की पृष्ठभूमि में सुनवाई की है।

End of Feed