नागपुर की बढ़ी सुरक्षा: 8000 से ज्यादा पुलिसकर्मी हर वक्त रहेंगे अलर्ट; 'तीसरी आंख' भी रखेगी चप्पे-चप्पे पर नजर

राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र आठ से 14 दिसंबर तक नागपुर में आयोजित किया जायेगा। शीतकालीन सत्र के दौरान शहर में जनप्रतिनिधियों, मंत्रियों, अफसरों और महत्वपूर्ण हस्तियों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में यहां सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।

महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, उससे पहले पूरे नागपुर शहर को अभेद किले में बदल दिया गया है। शहर के हर चौराहे, सरकारी भवनों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के तहत बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। शहर में 8,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो। ये चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रहेंगे। इतना ही नहीं, आठ से 14 दिसंबर तक नागपुर में हाई-टेक सीसीटीवी नेटवर्क यानी 'तीसरी आंख' शहर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखेगा। पुलिस आयुक्त रविन्द्र कुमार सिंघल ने इस बारे में विस्तार से जानकारी दी।

MAHARASHTRA POLICE

नागपुर में बढ़ी सुरक्षा व्यवस्था।

कहां से आए पुलिसकर्मी?

इनमें करीब 5,000 पुलिसकर्मी नागपुर शहर के हैं, जबकि 3,000 पुलिसकर्मी महाराष्ट्र के अन्य जिलों से बुलाए गए हैं। इसके अलावा राज्य रिजर्व पुलिस बल यानी एसआरपीएफ की पांच कंपनियां भी लगातार तैनात रहेंगी, जो जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई कर सकेंगी।

End of Feed