IMD Update on Monsoon: मौसम विभाग ने बड़ी खुशखबरी देते हुए कहा है कि इस बार मानसून समय से पहले आएगा। आईएमडी ने सोमवार को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के 22 मई की सामान्य शुरुआत की तारीख से पहले 19 मई के आसपास दक्षिण अंडमान सागर, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और निकोबार द्वीप समूह में आगे बढ़ने की संभावना है। मानसून आम तौर पर 1 जून के आसपास केरल की ओर बढ़ता है। इसके बाद यह आमतौर पर उत्तर की ओर बढ़ता है और 15 जुलाई के आसपास पूरे देश को कवर कर लेता है।
मानसून पर आया अपडेट
19 मई के आसपास आगे बढ़ने की संभावना
आईएमडी ने 15 अप्रैल में अपने दीर्घकालिक पूर्वानुमान में कहा था कि जून से सितंबर के बीच देश में मानसून की बारिश +/- 5% की मॉडल त्रुटि के साथ लंबी अवधि के औसत (LPA) के 106% पर सामान्य से ऊपर होने की संभावना है। मई के अंतिम सप्ताह के दौरान एक और अपडेट दिया जाएगा। आईएमडी ने सोमवार को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के 19 मई, 2024 के आसपास दक्षिण अंडमान सागर, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और निकोबार द्वीप समूह में आगे बढ़ने की संभावना है। अगले सात दिनों के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आंधी, बिजली और तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटे) चलने की संभावना है। जबकि तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल में व्यापक बारिश, बिजली गरजने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
इन राज्यों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक, एक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक पर बना हुआ है और एक ट्रफ रेखा इससे निचले क्षोभमंडल स्तर पर उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश तक जा रही है। एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण निचले क्षोभमंडल स्तर पर कोमोरिन क्षेत्र पर स्थित है। इनके प्रभाव में मध्य भारत में प्री-मॉनसून गतिविधि अधिक है। अगले पांच दिनों के दौरान मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। आईएमडी ने 16 मई से उत्तर-पश्चिम भारत में फिर से लू चलने का पूर्वानुमान जताया है। अगले पांच दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में लगभग 3-5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
स्काईमेट ने कहा, दिल्ली सहित उत्तर पश्चिम भारत में तापमान बढ़ेगा
वहीं, स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष, जलवायु और मौसम विज्ञान, महेश पलावत ने कहा कि मॉडल 19, 20 और 21 मई को अंडमान सागर क्षेत्र में अच्छी बारिश का संकेत दे रहे हैं। वे यह भी दिखा रहे हैं कि उस समय के आसपास क्षेत्र में हवाओं का क्रॉस-इक्वेटोरियल प्रवाह स्थापित हो जाएगा। अंडमान क्षेत्र तक पहुंचने के बाद मानसून को केरल पहुंचने में आम तौर पर लगभग 10 दिन लगते हैं। लेकिन हर साल अलग होता है। इसके अलावा अरब सागर के ऊपर एक प्रतिचक्रवात बना हुआ है और मानसून केरल के ऊपर तब तक आगे नहीं बढ़ेगा, जब तक वह दूर नहीं चला जाता। पलावत ने कहा, अब दिल्ली सहित उत्तर पश्चिम भारत में तापमान बढ़ने की उम्मीद है। हम इस क्षेत्र में तुरंत फिर से किसी प्री-मॉनसून गतिविधि की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। इस क्षेत्र में गर्म, शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने की उम्मीद है। आसमान साफ रहने से गर्मी भी बढ़ेगी।
