Monsoon Update: कई दिनों तक भारी बारिश का दौर झेलने के बाद उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में मौसम में सुधार हुआ है लेकिन अभी बहुत अधिक राहत मिलने की संभावना नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 13 जुलाई के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में अलर्ट जारी किया है। आईएमडी के मुताबिक 13 जुलाई को पश्चिम मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की भविष्यवाणी की गई है। मौसम कार्यालय ने भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बिहार में 11-13 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 13 और 14 जुलाई को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में हल्की, मध्यम से लेकर भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में 40 से अधिक जिलों में बिजली गिरने के साथ तूफान की चेतावनी दी गई है। आईएमडी ने कहा कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अगले दो दिन तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है और उसके बाद बारिश में कमी आएगी। दिल्ली में हालात जल्द सुधरने की संभावना नहीं है क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शहर में बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश और अगले चार से पांच दिनों तक लगातार बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
Weather Update: कुछ दिनों और भारी बारिश होने की संभावना (तस्वीर-PTI)
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यूपी के 40 जिलों में बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी
उधर भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने के साथ तूफान की चेतावनी दी है जबकि गुरुवार से राज्य के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। लखनऊ, कानपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली, आगरा और आसपास के इलाकों सहित उत्तर प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में बिजली गिरने के साथ आंधी की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में 15 जुलाई तक बारिश जारी रहेगी। लखनऊ में मध्यम से भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 33 और 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और आसपास के इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट एक दिन में 115.6 मिमी और 204.4 मिमी के बीच वर्षा सीमा के लिए है। आईएमडी के मुताबिक, देवरिया, संत कबीर नगर, बस्ती, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, फर्रुखाबाद, कन्नौज, अयोध्या, हाथरस, कासगंज, एटा, मैनपुरी और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से भारी बारिश की संभावना
हिमाचल प्रदेश में कुल्लू-मनाली सड़क खुलने के बाद लगभग 2,200 फंसे हुए वाहन कुल्लू पार कर गए। अधिकारियों के अनुसार, कुल 873 सड़कें अभी भी वाहनों के आवागमन के लिए अवरुद्ध हैं। स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से भारी बारिश हुई। विभाग के अनुसार धौला कुआं में 144.5 मिलीमीटर, रेनुका में 87 मिलीमीटर, रिकांगपिओ में 42 मिलीमीटर, कोटखाई में 30 मिलीमीटर, हमीरपुर में 16.5, शिमला में 13.5, धर्मशाला में 13 मिलीमीटर और कल्पा में 10 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम कार्यालय ने राज्य में 15 और 16 जुलाई को भारी बारिश, गरज चमक के साथ बौछारे पड़ने और बिजली गिरने का 'येलो अलर्ट' जारी किया है। हिमाचल प्रदेश के आठ शहरों में जुलाई के महीने में इस बार हुई एक दिन की बारिश ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राज्य में सात से 10 जुलाई तक अभूतपूर्व बारिश हुई है।
उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
उत्तराखंड मे कल से ही भारी बारिश हो रही है। 33 स्टेट हाइवे समेत 449 सड़कें बंद हैं। सात जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 6 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट है। मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, चम्पावत और उधमसिंह नगर में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा में येलो अलर्ट जारी किया है। राज्य में भारी बारिश के चलते भूस्खलन और नदियों के ऊफान पर आने से सड़कें लगातार बंद हो रही हैं। अभी तक लोक निर्माण विभाग और पीएमजीएसवाई की करीब 558 सड़कें बंद हुई थीं। 100 से ज्यादा सड़कें खोली गयी हैं। 400 से ज्यादा सड़कें अभी भी बंद हैं, जिन्हें खोलने की कार्यवाही चल रही है। सड़कों को खोलने के काम में 343 जेसीबी और पोकलैंड मशीनों को लगाया गया है।
बारिश की वजह से कई लोगों की हुई मौत
आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक बुधवार रात आठ बजे तक उत्तर प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि पंजाब और हरियाणा में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने कहा कि राज्य के कसोल में फंसे कम से कम 2000 पर्यटकों को निकाला गया और भूस्खलन व बाढ़ की वजह से लाहौल में फंसे 300 से ज्यादा पर्यटक वाहन अपने-अपने गंतव्य स्थानों की ओर रवाना हो चुके हैं।
