मानसून सत्र: ‘चर्चा बनाम जवाबदेही’ की सियासी लड़ाई, 12 बिल पारित, 173 घंटे 10 मिनट का कामकाज हुआ बाधित

मानसून सत्र के आखिरी दिन भी संसद में गतिरोध देखने को मिला। लोकसभा में वंदे मातरम के बाद कार्यवाही कुछ ही मिनट में स्थगित कर दी गई। वहीं राज्यसभा में करीब एक घंटे तक कार्यवाही चली, लेकिन यहां भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहा।

Mansoon Session: संसद का मानसून सत्र गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। सत्र के दौरान सरकार के खाते में दोनों सदनों से 12 विधेयक पारित हुए, लेकिन संसद के कामकाज और उत्पादकता का रिकॉर्ड कमजोर रहा। लोकसभा की उत्पादकता महज 19 फीसदी और राज्यसभा की 39.17 फीसदी रही। दोनों सदनों में कुल मिलाकर करीब 173 घंटे 10 मिनट का कामकाज बाधित हुआ। लोकसभा में 19 बैठकें हुईं। सदन को करीब 114 घंटे काम करना था, लेकिन कार्यवाही लगभग 17 घंटे 30 मिनट ही चल सकी। इस तरह करीब 96 घंटे 30 मिनट का समय हंगामे और गतिरोध की भेंट चढ़ गया। वहीं, राज्यसभा में करीब 114 घंटे के निर्धारित कामकाज के मुकाबले लगभग 37 घंटे 20 मिनट ही कार्यवाही हो सकी। करीब 76 घंटे 40 मिनट के समय में काम नहीं हो सका।

mansoon session

मानसून सत्र में कुल 12 विधेयक हुए पारित।

आखिरी दिन भी हंगामा, लोकसभा कुछ ही मिनट चली

मानसून सत्र के आखिरी दिन भी संसद में गतिरोध देखने को मिला। लोकसभा में वंदे मातरम के बाद कार्यवाही कुछ ही मिनट में स्थगित कर दी गई। वहीं राज्यसभा में करीब एक घंटे तक कार्यवाही चली, लेकिन यहां भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहा।

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