Monsoon in Delhi-Mumbai: भले ही इस बार मानसून देरी से आया, लेकिन आज दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में हुई बारिश ने नया दुर्लभ संयोग दिखाया। इस दुर्लभ संयोग के तहत रविवार को दिल्ली और मुंबई दोनों जगह पर मॉनसून का आगमन हुआ। हालांकि दिल्ली-मुंबई में जलजमाव के कारण लोगों को भारी परेशानी का भी सामना करना पड़ा है। मुंबई ओर इसके उपनगरों में पिछले 24 घंटे में भारी बारिश हुई जिससे कई जगहों पर जलजमाव हो गया और कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में मॉनसून अपने तय समय से दो दिन पहले पहुंच गया जबकि मुंबई में यह दो हफ्ते की देरी से पहुंचा।
मुंबई में बारिश से ट्रैफिक पर असर
आईएमडी के अनुसार, मुंबई में मौसम की जानकारी देने वाली कोलाबा वेधशाला ने रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में 86 मिलीमीटर बारिश दर्ज की, जबकि उपनगरीय क्षेत्रों में मौसम की जानकारी देने वाले सांताक्रुज मौसम केंद्र ने इसी अवधि में 176.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की। आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा कि दिन में और बारिश होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि भारी बारिश से मुंबई में कुछ जगहों पर वाहनों की आवाजाही बाधित हुई। मलाड और अंधेरी जैसे इलाकों में जलजमाव से यातायात की गति धीमी पड़ गई।
दिल्ली, मुंबई में मॉनसून का आगमन
दिल्ली और मुंबई दोनों जगह रविवार को मॉनसून के आगमन के साथ बारिश हुई। आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा कि दक्षिण पश्चिम मॉनसून मुंबई और दिल्ली की ओर आज (25 जून) को बढ़ा। आईएमडी के अधिकारी के अनुसार, मानसून की शुरुआत धीमी रही लेकिन अब इसमें तेजी आ रही है और यह महाराष्ट्र, समूचे कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों और हरियाणा के कुछ हिस्सों समेत कई क्षेत्रों में पहुंच गया है।
आम तौर पर केरल में मॉनसून एक जून तक, मुंबई में 11 जून और राजधानी दिल्ली में 27 जून तक पहुंच जाता है। मॉनसून लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के बड़े हिस्से समेत उत्तर भारत में अधिकांश जगह तक तय समय या उससे थोड़ा पहले पहुंच गया है लेकिन मध्य भारत में यह अब भी तय समय से 10-12 दिन पीछे है, जहां अधिकांश किसान खेती के लिए बारिश पर निर्भर रहते हैं।
बिपरजॉय का पड़ा असर, अब मानसून ने पकड़ी तेजी
आईएमडी में एक वरिष्ठ वैज्ञानिक डी.एस. पई ने बताया कि चक्रवात बिपरजॉय ने दक्षिण भारत और उससे सटे पश्चिम एवं देश के मध्य हिस्सों में मॉनसून की प्रगति पर असर डाला है। हालांकि, पूर्वोत्तर एवं पूर्वी भारत में बारिश के लिए जिम्मेदार बंगाल की खाड़ी में मॉनसून 11 जून और 23 जून के बीच मजबूत बना रहा। पाई ने कहा कि मध्य जून में निम्न दबाव क्षेत्र बनने और चक्रवात बिपरजॉय के असर से मॉनसून के पूर्वी भारत की दिशा में बढ़ने में मदद मिली। पाई ने कहा कि अरब सागर से उठने वाला मॉनसून अब गति पकड़ रहा है और बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र बन रहा है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी ने कहा कि मानसून पूरे महाराष्ट्र और गुजरात और राजस्थान के कुछ हिस्सों में रविवार को छा सकता है। (भाषा इनपुट)
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