Monsoon Rains in India: मॉनसून के बीच जुलाई के शुरुआती हफ्ते में बारिश ने ऐसा भयावह प्रहार किया कि शहर-शहर इंसान बेबस और लाचार नजर आया। पहाड़ी सूबों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग बारिश से जुड़ी घटनाओं में रविवार (नौ जुलाई, 2023) की शाम तक कम से कम 13 जानें जा चुकी थीं, जबकि यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है। आसमानी कहर ने इस दौरान आम लोगों के जनजीवन को भी बुरी तरह प्रभावित किया।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (क्रिएटिवः अभिषेक गुप्ता)
ऐसा इसलिए क्योंकि पहाड़ों पर भूस्खलन के साथ चट्टानें टूटकर और खिसकर नीचें गिरी और उन्होंने गाड़ियों को शिकार बनाया, जबकि दिल्ली-एनसीआर सरीखे मैदानी इलाके में आने वाले हाईटेक शहर भी इस "जलसमाधि" की जद में आए। पुल बहे, मकान गिरे और इस दौरान लोग अपने घर में एक तरह से फंस (जरूरी कामों के लिए न निकल पाने के संदर्भ में) गए। आइए, जानते हैं बारिश संबंधी घटनाओं के चलते कहां कैसा प्रभाव पड़ा:
महज आठ दिन में हुई बारिश की कमी की भरपाई
जुलाई के शुरुआती आठ दिनों में देश के अधिकतर हिस्सों में अच्छी-खासी बारिश हुई। यही वजह है कि इसने मुल्क में वर्षा में कमी की भरपाई कर दी। मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, मॉनसून की दस्तक के बाद से अब तक (खबर लिखे जाने तक) 243.2 मिलीमीटर(मिमी) बारिश हुई है, जो सामान्य रूप से होने वाली वर्षा 239.1 मिमी से दो प्रतिशत अधिक है। वैसे, देश में अलग-अलग जगहों पर बारिश की मात्रा में काफी अंतर है।हिमाचल में भूस्खलन: पांच की गई जान, नदियां उफान पर
इस बीच, हिमाचल में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ में पांच लोगों की मौत हो गई, कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। प्रशासन ने हालात को ध्यान में रखते हुए दो दिनों के लिए विद्यालयों और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया। अधिकारियों ने बताया कि सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। इस बीच, मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के सात जिलों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी, ‘रेड अलर्ट’ जारी किया। कुल्लू में 50 साल पुराना पुल बह गया, जबकि सोलन में भी एक पुल का हिस्सा नदी (Madhavala River) के तेज आवेग के आगे धराशायी हो गया। मंडी में भी फुट ओवर ब्रिज नदी में बह गया।UK में बिगड़े हालात! आठ मौतें
वहीं, उत्तराखंड में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन हुआ और इस दौरान वाहन दुर्घटना और मकान गिरने की घटनाओं में आठ लोगों की मौत हो गई। खराब मौसम के मद्देनजर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासन को चौकस रहने के निर्देश देते हुए लोगों को अनावश्यक आवागमन से बचने को कहा। वैसे, कई स्थानों पर भूस्खलन होने से मार्ग बंद हो गए जिससे चारधाम यात्रा में भी रूकावट आई। लगातार बारिश के चलते गंगा सहित प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया। आईएमडी ने 11 और 12 जुलाई को राज्य के 13 में से आठ जिलों-चमोली, पौड़ी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, नैनीताल एवं उधमसिंह नगर में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया।देश की राजधानी दिल्ली भी बनी दरिया! बाढ़ का खतरा
दिल्ली से सटे हरियाणा की ओर से हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद दिल्ली सरकार ने बाढ़ की चेतावनी जारी की। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उपराज्यपाल से बात की और लगातार बारिश के मद्देनजर केंद्र शासित प्रदेशों की स्थिति के बारे में जानकारी ली, जबकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लगातार बारिश के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी के सभी स्कूल सोमवार (10 जुलाई, 2023) को बंद रहेंगे। हालांकि, पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि देश में प्रदूषण का स्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है लेकिन राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता में 30 प्रतिशत सुधार हुआ है। केंद्रीय जल आयोग ने आशंका जताई है कि दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा है और मंगलवार को खतरे के निशान (205.33 मीटर) के पार जाने की आशंका है।
