Karnataka MLC Poll Results: कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और बिहार में द्विवार्षिक विधान परिषद चुनावों ने दोनों राष्ट्रीय दलों को उनके नेतृत्व से जुड़े जमीनी मामलों में करारा झटका दिया है। कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस ने अपनी सभी चार सीटें गंवा दीं। उत्तर प्रदेश में भाजपा वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र जीतने में असफल रही। खास तौर पर कांग्रेस की झोली पूरी तरह खाली रही। तीनों राज्यों में शिक्षकों और स्नातकों के निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को हुआ था। अब चौंकाने वाले नतीजे आए हैं।
MLC चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ
कर्नाटक में कांग्रेस का सूपड़ा साफ
कर्नाटक विधान परिषद (MLC) की चार सीटों के लिए हुए चुनावों के नतीजे सामने आ चुके हैं, जो सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ा झटका साबित हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल सेक्युलर (JD(S)) के एनडीए (NDA) गठबंधन ने सभी चारों स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों पर कब्जा जमाते हुए कांग्रेस का पूरी तरह से सूपड़ा साफ कर दिया है। सबसे बड़ी करारी हार उत्तर-पूर्वी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में हुई, जिसमें एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का गृह जिला कलबुर्गी शामिल है। भाजपा के मौजूदा एमएलसी शशिल जी नमोशी ने कांग्रेस के शरणप्पा मत्तूर को 3,297 वोटों से हराया। नमोशी को 15,596 वोट मिले, जबकि मत्तूर को 12,299 वोट मिले। इस सीट से यह उनकी पांचवीं जीत थी।
सीटों का समीकरण और परिणाम
इस चुनाव में कुल 4 सीटों पर मुकाबला था, जिनमें से 3 सीटों पर बीजेपी ने अपनी पकड़ बरकरार रखी, जबकि जेडीएस ने कांग्रेस से एक सीट छीन ली। निर्वाचन क्षेत्रवार परिणाम इस प्रकार रहे।
बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
इस सीट पर एनडीए (JD-S) उम्मीदवार ए. पी. रंगनाथ (A.P. Ranganath) ने जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व एमएलसी पुट्टन्ना को बेहद रोमांचक मुकाबले में 908 वोटों के अंतर से हराया। रंगनाथ को कुल 10,810 वोट मिले, जबकि पुट्टन्ना को 9,902 वोट मिले। यह सीट पहले कांग्रेस के पास थी, जिसे जेडीएस ने अपने पाले में कर लिया।
पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
यहां बीजेपी के मौजूदा एमएलसी एस.वी. संकनूर (S.V. Sankanur) ने शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार मोहन लिंबिकाय को 9,323 वोटों के अंतर से शिकस्त दी। संकनूर को 33,711 और कांग्रेस उम्मीदवार को 24,388 वोट मिले।
दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
इस सीट पर बीजेपी उम्मीदवार के.एम. सुरेश (K.M. Suresh) ने कांग्रेस के शशि हुलिकुंटे मुट्ट को हराकर बड़ी जीत दर्ज की। सुरेश ने यहाँ 23,098 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की।
उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
इस सीट पर बीजेपी के मौजूदा एमएलसी शशिल जी. नमोशी (Shashil G Namoshi) ने कांग्रेस उम्मीदवार शरणप्पा मत्तूर को 3,297 वोटों से पराजित किया। नमोशी को 15,596 वोट मिले, जबकि मत्तूर को 12,299 वोट मिले।
बीजेपी ने राहुल पर कसा तंज
वहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एमएलसी चुनाव में कांग्रेस की करारी हार पर तंज कसा है। प्रदीप ने एक्स पर लिखा- 28 एमएलसी चुनाव मतपत्रों से हुए, फिर भी राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली!
ईवीएम: भारत की जनता ने राहुल गांधी की अराजक राजनीति को नकार दिया।
मतपत्र: भारत की जनता ने राहुल गांधी की अराजक राजनीति को नकार दिया।
कांग्रेस के जनसंपर्क को कांग्रेस के समर्थकों के अलावा कोई नहीं समझता!
चुनाव नतीजे के राजनीतिक मायने
विपक्ष का मजबूत गठबंधन (BJP-JD(S) भले ही इन नतीजों से राज्य की डी शिवकुमार सरकार की स्थिरता पर कोई खतरा न हो, लेकिन यह परिणाम बीजेपी और जेडीएस के बीच मजबूत होती रणनीतिक एकता और वोट ट्रांसफर की क्षमता को दर्शाता है। सत्तारूढ़ कांग्रेस के लिए यह परिणाम एक करारा झटका है, खासकर तब जब पार्टी अपने गढ़ में शिक्षित और पेशेवर वर्ग (शिक्षक और स्नातक) के मतदाताओं का विश्वास हासिल करने में विफल रही है।
मतगणना की प्रक्रिया
बेंगलुरु शिक्षक और उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम मंगलवार को ही घोषित कर दिए गए थे, जबकि अन्य दो सीटों (पश्चिम और दक्षिण-पूर्व स्नातक) के लिए वोटों की गिनती रात भर चली और बुधवार को अंतिम परिणाम स्पष्ट हुए।
