MEA Summons Russian Embassy Charg dAffaires: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर में व्यापारिक मालवाहक जहाज 'एमवी गोल्डन लियो' (MV Golden Leo) पर हुए जानलेवा मिसाइल हमले को लेकर भारत सरकार ने बेहद कड़ा कूटनीतिक रुख अपनाया है। ओडेसा बंदरगाह से रवाना होते समय हुए इस हमले में केरल के 26 वर्षीय नाविक अखिल जोयन समेत कुल 4 भारतीय नागरिकों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि एक अन्य भारतीय नाविक गंभीर रूप से घायल है।
भारतीय नाविक की मौत पर भारत का कड़ा रुख; विदेश मंत्रालय ने रूसी उप-दूतावास प्रमुख को तलब किया, हमले की निंदा की
घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली में रूसी दूतावास के प्रभारी (Chargé d'Affaires) को तलब कर इस हमले पर अपना सख्त विरोध दर्ज कराया है।
सगाई के महज कुछ हफ्ते बाद आई दुखद खबर
इस हमले में जान गंवाने वाले केरल के कासरगोड जिले के वेल्लारीकुंडु गांव निवासी अखिल जोयन (26) अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। महज 19 साल की उम्र में मर्चेंट नेवी में शामिल होने वाले अखिल रस्साकशी (Tug-of-war) के चर्चित खिलाड़ी थे और फिंगर पुलिंग में वर्ल्ड रिकॉर्ड भी रखते थे।
अखिल के परिजनों ने बताया, 'अखिल पिछले महीने ही छुट्टी पर घर आए थे, जहां उनकी सगाई तय हुई थी। वह इस महीने के अंत तक इस जहाज से साइन ऑफ करके दूसरी शिपिंग कंपनी में जाने वाले थे।' बता दें कि परिजनों को इस दुखद घटना की जानकारी कंपनी द्वारा भेजे गए ईमेल से मिली, जिसके बाद से पूरा परिवार सदमे में है।
मास्को से मांगी जवाबदेही
यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास रूसी मिसाइल हमले में 4 भारतीय नागरिकों की मौत के बाद भारत और रूस के बीच कूटनीतिक हलचलों में अचानक भारी गर्माहट आ गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए नई दिल्ली में रूस के 'चार्ज डी अफेयर्स' (रूसी दूतावास के कार्यकारी प्रमुख) को तलब करने के साथ ही भारत सरकार ने रूस के समक्ष अपना अत्यंत सख्त और औपचारिक विरोध दर्ज कराया है और मास्को से इस जानलेवा हमले की पूर्ण जवाबदेही तय करने की मांग की है।
सूत्रों के मुताबिक, यह दुखद हादसा उस समय हुआ जब 'एमवी गोल्डन लियो' नामक मर्चेंट वेसल अनाज और अन्य व्यावसायिक सामान लेकर यूक्रेन के ओडेसा पोर्ट से रवाना हो रहा था। इसी दौरान रूसी क्रूज मिसाइलों ने इस मालवाहक जहाज को अपना निशाना बनाया।
इस घातक हमले में जहाज पर सवार 17 क्रू मेंबर्स में से 4 भारतीय नाविकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 1 अन्य भारतीय नागरिक की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद से यह पहला ऐसा मामला है जब रूसी हमले में इतनी बड़ी संख्या में भारतीय नाविकों की जान गई है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि संघर्ष के क्षेत्रों में व्यापारिक जहाजों और निर्दोष नागरिक क्रू मेंबर्स को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
