विदेश मंत्रालय ने अपनी साप्ताहिक प्रेस कांफ्रेस में अपने नागरिकों की सुरक्षा से लेकर पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाए जा रहे संवेदनशील मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट किया है। इस दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन द्वारा यूएनजीए में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारत तुर्किये के राष्ट्रपति द्वारा जम्मू-कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणियों को खारिज करता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल।
फारस की खाड़ी में 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक
प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस समय फारस की खाड़ी में भारत के झंडे वाले छह वाणिज्यिक जहाज मौजूद हैं। इसके अलावा छह विदेशी झंडे वाले जहाज भी भारत के लिए माल लेकर क्षेत्र में संचालित हो रहे हैं। इस तरह कुल 12 जहाज भारत से जुड़े हैं।इन जहाजों पर करीब 163 भारतीय नाविक सवार हैं, जबकि खाड़ी क्षेत्र में अलग-अलग वाणिज्यिक जहाजों पर 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक मौजूद हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जहाजरानी मंत्रालय इन जहाजों की आवाजाही पर नजर रख रहा है और भारतीय मिशनों के जरिए नाविकों की सुरक्षा एवं कल्याण सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
एर्दोगन के कश्मीर बयान पर भारत का जवाब
तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर भारत ने आपत्ति जताई। जायसवाल ने कहा कि भारत तुर्किये के राष्ट्रपति द्वारा जम्मू-कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणियों को खारिज करता है। उन्होंने कहा कि यह भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता से जुड़ा विषय है और इस मामले में किसी बाहरी पक्ष का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।गंगा जल संधि पर तकनीकी स्तर की बैठकें जारी
भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल संधि के नवीनीकरण को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच संयुक्त नदी आयोग मौजूद है। नदियों से जुड़े सभी मामलों पर इसी आयोग के माध्यम से चर्चा की जाएगी। जायसवाल ने कहा कि तकनीकी स्तर पर गंगा जल संधि को लेकर बैठकें जारी हैं। इसके साथ ही उन्होंने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री रहमान की भारत यात्रा को लेकर किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार किया।
रूस में होगी अगली वार्षिक शिखर बैठक
भारत-रूस वार्षिक शिखर बैठक को लेकर जायसवाल ने कहा कि पिछली वार्षिक बैठक भारत में हुई थी, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मेजबानी की थी। अगली बैठक रूस में होगी। उन्होंने कहा कि बैठक में अभी कुछ समय है और इससे जुड़ी जानकारी उचित समय पर साझा की जाएगी।
चीन के साथ रिश्तों को आगे बढ़ाने पर जोर
भारत-चीन संबंधों पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच नेताओं के स्तर पर बैठक हुई थी। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को लेकर दिशा-निर्देश दिए थे और अब भारत उन दिशा-निर्देशों को आगे बढ़ाने पर काम कर रहा है।सीमा पार आतंकवाद पर भारत ने फिर उठाई आवाज
विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा न्यूयॉर्क में सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाए जाने पर जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्री ने एक बार फिर इसे गंभीर चिंता का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि देशों को मिलकर इस वैश्विक चुनौती से निपटने की जरूरत है।
SCO की सदस्यता पर सभी देशों का फैसला
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की सदस्यता से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि संगठन में किसी नए सदस्य को शामिल करने का फैसला सभी सदस्य देश सामूहिक रूप से करते हैं। ऐसे में सदस्यता से संबंधित किसी भी मामले पर आगे की कार्रवाई सदस्य देशों के सामूहिक निर्णय के आधार पर होगी।
IBSA देशों ने जारी किया संयुक्त बयान
संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इसके बाद तीनों देशों ने संयुक्त बयान जारी किया। इसमें आर्थिक, विकास और राजनीतिक मुद्दों पर तीनों देशों का सामूहिक रुख सामने रखा गया। फलस्तीन के मुद्दे पर भारत ने दो-राष्ट्र समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के सामने टैरिफ का मुद्दा
विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत आए अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के दौरान विदेश सचिव ने टैरिफ से जुड़े मुद्दों पर भारत की चिंताएं भी सामने रखीं। बैठक में भारत-अमेरिका संबंधों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
