आयुष मंत्रालय के मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान ने आज गार्गी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के साथ तीन समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। एक ही दिन में तीन समझौतों पर हस्ताक्षर करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
समझौते पर हस्ताक्षर।
तीन समझौते होना बड़ी उपलब्धि
बता दें कि मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के इतिहास में यह एक बड़ी उपलब्धि है। इन समझौतों का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा बलों तक विभिन्न क्षेत्रों में योग को बढ़ावा देना और उसके लाभ को समझाना है। मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान और गार्गी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन पर निदेशक डॉ. काशीनाथ समगंडी और गार्गी कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. संगीता भाटिया की उपस्थिति में संपन्न हुए।
समझौते का क्या है उद्देश्य?
इसका उद्देश्य फाउंडेशन कोर्स, प्रोटोकॉल इंस्ट्रक्टर कोर्स (सीसीवाईपीआई), वेलनेस कोर्स इंस्ट्रक्टर (सीसीवाईडब्ल्यूआई) आदि जैसे सर्टिफिकेशन कोर्स शुरू करना, छात्राओं में व्यावसायिक योग्यता विकसित करना और महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से महिलाओं के लिए विशेष रूप से पूर्णकालिक डिप्लोमा कोर्स शुरू करने की संभावना तलाशना है।
मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, एनएसजी और सीआईएसएफ के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान ने दो अन्य महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन सहयोगों का उद्देश्य एनएसजी और सीआईएसएफ के लिए नियमित योग प्रशिक्षण कार्यक्रम और संबंधित गतिविधियों का संचालन करना है।
इनके बीच हुए तीनों समझौते
बता दें कि पहला समझौता हरियाणा के गुड़गांव के मानेसर में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) प्रशिक्षण केंद्र के साथ किया गया, जिस पर मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के निदेशक डॉ. काशीनाथ समगंडी और एनएसजी मुख्यालय के डीआईजी (ऑपरेशन एंड ट्रेनिंग) ब्रिगेडियर शंकर जी तिवारी ने हस्ताक्षर किए।
इसके साथ ही, दूसरा समझौता सीआईएसएफ की आईजी (आरएंडटी) शिखा गुप्ता की उपस्थिति में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) प्रशिक्षण केंद्र के साथ हुआ। इन समझौतों के दायरे में वर्दीधारी कर्मियों पर योग के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए विशेष योग प्रोटोकॉल, कार्यशालाएं, सम्मेलन और शोध गतिविधियों का आयोजन करना शामिल है।
योग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह देश के सुरक्षा बलों के स्वास्थ्य संबंधी नियमों में योग को एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे संभावित रूप से उनकी परिचालन प्रभावशीलता और व्यक्तिगत कल्याण में वृद्धि होगी। इस दौरान कार्यक्रम अधिकारी (योग चिकित्सा) डॉ. आईएन आचार्य, संचार एवं प्रलेखन अधिकारी मो. तैयब आलम, सहायक आचार्य (मानव शरीर रचना विज्ञान) सोबिका राव के साथ-साथ एनएसजी और सीआईएसएफ के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
