Sri Krishna Janmabhoomi-Shahi Eidgah Case: मथुरा के शाही ईदगाह सर्वे केस में कोर्ट कमीश्नर नियुक्त करने के मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गुरुवार को अपना सुरक्षित रख लिया। साथ ही सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की अपील खारिज कर दी। कोर्ट को शाही ईदगाह मस्जिद में कमीशन की कार्रवाई का प्रारूप तय करना है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर हाईकोर्ट की अहम सुनवाई आज।
सुप्रीम कोर्ट में 16 जनवरी को होगी सुनवाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट में एडवोकेट कमिश्नर से शाही ईदगाह मस्जिद का सर्वे कराए जाने के स्वरूप को तय करने के मामले में सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 9 जनवरी को सुनवाई के चलते टल गई थी। हालांकि अभी सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो सकी है। सुप्रीम कोर्ट में 16 जनवरी को मामले में सुनवाई होनी है।
हाईकोर्ट की सुनवाई जारी रहेगी या नहीं?
सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में ही यह तय होगा कि एडवोकेट कमीशन के मुद्दे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सुनवाई जारी रहेगी या नहीं। बृहस्पतिवार को होने वाली सुनवाई में मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी पेंडिंग होने का हवाला देकर एक बार फिर सुनवाई टालने का अनुरोध कर सकता है। हालांकि हिंदू पक्ष की ओर से यह कोशिश होगी कि सर्वे कमीशन का स्वरूप अदालत तय करे। जस्टिस मयंक कुमार जैन की सिंगल बेंच मामले में सुनवाई कर रही है।
'मस्जिद के नीचे है श्रीकृष्ण का जन्मस्थान'
सर्वे के लिए कोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति पर फैसला होगा। मुस्लिम पक्ष ने याचिका में की सर्वे पर रोक लगाने की मांग की। इस मामले में हाईकोर्ट के समक्ष लंबित मूल मुकदमे में दायर आवेदन में यह दावा किया गया था कि भगवान श्री कृष्ण का जन्मस्थान मस्जिद के नीचे है और ऐसे कई संकेत हैं जो स्थापित करते हैं कि मस्जिद एक हिंदू मंदिर है, इसलिए सर्वे कराई जानी चाहिए। सर्वेक्षण के लिए याचिका में एक आयोग का गठन किया जाने की मांग की गई थी।
मस्जिद में सनातन प्रतीक चिन्ह होने का दावा
याचिका में आगे कहा गया था कि एक कमल के आकार का स्तंभ मौजूद हैं, जो हिंदू मंदिरों की एक उत्कृष्ट विशेषता है और शेषनाग की एक छवि भी है, जो हिंदू देवताओं में से एक हैं, जिन्होंने भगवान कृष्ण की उनके जन्म की रात में रक्षा की थी। आवेदन में यह भी कहा गया है कि मस्जिद के स्तंभ के आधार पर हिंदू धार्मिक प्रतीक और नक्काशी भी दिखाई देती है।
