Venezuela Earthquake News: लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए महाविनाश भूकंप के कारण भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। शहर की इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। इस प्राकृतिक आपदा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखते हुए गहरा शोक जताया है। पीएम ने लिखा: "वेनेजुएला में आए भीषण भूकंपों से हुई तबाही से बेहद दुखी हूं। भारत की जनता की ओर से मैं वेनेजुएला सरकार और वहां के लोगों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं, खासकर उन परिवारों के प्रति जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं और इस कठिन समय में प्रभावित सभी लोगों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।"
100 साल का टूटा रिकॉर्ड
बता दें भारतीय समयानुसार गुरुवार तड़के देश में एक के बाद एक दो इतने शक्तिशाली भूकंप आए, जिसने पिछले 100 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। रिक्टर पैमाने पर 7.1 और 7.5 की तीव्रता वाले इन जुड़वां भूकंपों ने पूरी राजधानी कैराकास को हिलाकर रख दिया है। यहां की आलीशान और बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह जमींदोज हो गई हैं। जिसमें अब तक 32 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है। वहीं पर 700 लोगों के घायल होने की खबर है। राहत और बचाव का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र कैरिबियाई तट के पास मोरोन इलाके में जमीन के भीतर था। पहला झटका आने के बाद लोग संभल भी नहीं पाए थे कि कुछ ही मिनटों में दूसरा विनाशकारी झटका महसूस किया गया। इस आपदा की भयावहता को देखते हुए नजदीकी कैरिबियाई द्वीपों पर सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है।
मौत का आंकड़ा 10 हजार से 1 लाख के बीच- USGS का अनुमान
USGS का अनुमान है कि इस त्रासदी में जान गंवाने वालों की संख्या 10 हजार से 1 लाख के बीच हो सकती है। भूकंप के समय कैराकास में चीख-पुकार मच गई। इमारतें पेंडुलम की तरह हिल रही थीं और लोग जान बचाने के लिए सड़कों और मैदानों की तरफ भाग रहे थे। सबसे बुरा हाल 'अल्तामीरा' इलाके का हुआ है, जहाँ मकानों की दीवारें गिरने से लोगों की गृहस्थी सड़क पर बिखर गई है और आसमान में धूल का गुबार छाया हुआ है। अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज और आंतरिक मामलों के मंत्री डियोसडाडो काबेलो ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और लोगों से अपील की है कि वे आफ्टरशॉक्स के खतरे को देखते हुए अभी घरों के अंदर न जाएं।
