मनु स्मृति, राम चरित मानस, गोलवरकर की बंच ऑफ थॉट्स ने समाज में फैलाई नफरत, बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने कही ये बात

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Jan 12, 2023, 01:01 PM IST

बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में कहा कि 'मनु स्मृति', 'राम चरित मानस' और आरएसएस के पूर्व प्रमुख एमएस गोलवरकर की 'बंच ऑफ थॉट्स' ने समाज में नफरत फैलाई। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने राम चरित मानस का उपहास करने के लिए बिहार के शिक्षा मंत्री की खिंचाई की।

पटना: बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने कहा है कि 'मनु स्मृति', 'राम चरित मानस' और आरएसएस के पूर्व प्रमुख एमएस गोलवरकर की 'बंच ऑफ थॉट्स' समाज में नफरत फैलाई। बिहार के शिक्षा मंत्री ने नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान यह टिप्पणी की। नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में चंद्रशेखर ने कहा कि इन तीन किताबों ने समाज में नफरत फैलाई है। राजद नेता ने राम चरित मानस की आलोचना करते हुए कहा कि यह किताब निचली जातियों के लोगों को शिक्षा से वंचित करने का आह्वान करती है। यादव ने कहा कि बाबासाहेब भीम राव अंबेडकर ने भी दावा किया था कि तीनों पुस्तकें समाज में नफरत फैलाई।

'मनु स्मृति' ने समाज के 85 प्रतिशत लोगों को दी गाली

बिहार के शिक्षा मंत्री ने इस कार्यक्रम में कहा कि यही कारण है कि लोगों ने अतीत में 'मनु स्मृति' को जला दिया है। 'मनु स्मृति' ने समाज के 85 प्रतिशत लोगों को गाली दी है। राम चरित मानस में कहा गया है कि निचली जातियों के लोगों को शिक्षा का अधिकार नहीं है। यह इंगित किया गया था कि निम्न जाति के लोग शिक्षा प्राप्त करने के बाद सांप के समान जहरीले हो जाते हैं, जो दूध पीने के बाद अधिक जहरीले हो जाते हैं। उन्हें 'अधम जात' (नीची जाति) कहा जाता है।

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