मराठा आरक्षण: मनोज जरांगे फिर करेंगे आमरण अनशन? भाजपा ने अधिसूचना पर दिया जवाब

  • Edited by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 31, 2024, 06:07 AM IST

Maratha Reservation: मराठा आरक्षण का विवाद अभी थमा नहीं है। मनोज जरांगे ने अधिसूचना लागू न करने पर 10 फरवरी से आमरण अनशन की चेतावनी दी है। वहीं महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले का कहना है कि मसौदा अधिसूचना अंतिम नहीं, ओबीसी नेता आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। जानें सारा विवाद।

Manoj Jarange: मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मराठाओं को कुनबी जाति के प्रमाणपत्र जारी करने को लेकर महाराष्ट्र सरकार की मसौदा अधिसूचना को बुधवार से लागू करने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं की जाती है तो वह 10 फरवरी से आमरण अनशन करेंगे।

Manoj Jarange

मनोज जरांगे ने फिर से आमरण अनशन करने की चेतावनी दी।

विधानमंडल का एक विशेष सत्र बुलाने की मांग

पत्रकारों से बातचीत में जरांगे ने कहा कि मराठाओं को सरकारी नौकरियों तथा शिक्षा में आरक्षण के लाभ हासिल करने के लिए कुनबी जाति के प्रमाणपत्र दिए जाने के वास्ते अधिसूचना को कानून में बदलने के लिए राज्य विधानमंडल का एक विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। महज चार दिन पहले ही महाराष्ट्र सरकार ने जरांगे के साथ बातचीत के बाद एक मसौदा अधिसूचना जारी की थी जिसमें कहा गया है कि जिस मराठा व्यक्ति के पास यह दर्शाने के लिए रिकॉर्ड हैं कि वह कुनबी समुदाय से जुड़ा है, उसके सगे-संबंधियों को भी कुनबी के तौर पर मान्यता दी जाएगी।

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