क्या हरियाणा में सीएम मनोहर लाल खट्टर की जगह बीजेपी किसी और चेहरे को मौका देगी। क्या ब्राह्मण समाज से कोई सीएम बनेगा। इस तरह की खबरों के बीच सीएम मनोहर लाल खट्टर खुद उतरे और कहा कि कुछ लोगों की आदत सी बन गई है कि सोने से पहले हर वो एक दिन सीएम बदलने की बात सोशल मीडिया पर करते हैं। उनका मानना है कि पार्टी की तरफ से जिस किसी भी शख्स को सीएम पद की जिम्मेदारी सौंपी जाए वो जनता के लिए ही काम करेगा। किसी एक व्यक्ति की वजह से नीतियां नहीं बदलती हैं। हम एक टीम है जो फेसबुक या ट्विटर पर फैसला नहीं करते हैं। करनाल में भगवान परशुराम महाकुंभ में बोलते हुए कहा कि जो लोग इस तरह का बातें कर रहे हैं उनके लिए उनके पास बहुत सी बातें हैं वो आएं उन्हें कुछ ना कुछ जरूर मिलेगा।
मनोहर लाल खट्टर, सीएम, हरियाणा
'हम सामूहिक फैसले करते हैं'
बीजेपी से आने वाला कोई भी सीएम या पीएम लोगों के हित में काम करेगा, यह हमारी विचारधारा का हिस्सा है, यह हमारी उपलब्धियों का हिस्सा है, यह हमारे घोषणापत्र का हिस्सा है। हम सामूहिक निर्णय लेते हैं।सोशल मीडिया में जो चल रहा है उससे इस तरह के फैसले नहीं लिए जाते हैं। लेकिन हां, ऐसे लोग हैं जो ऐसी चीजों से आनंद लेते हैं। उन लोगों से मैं कहना चाहता हूं कि जब आप ऐसा करते-करते थक जाएं तो आपको मेरे पास आना चाहिए।" मैं आपको कुछ काम करने के लिए कहूंगा।
#WATCH | Haryana: Some people have hobby to change CM on social media daily before they go to sleep at night. Whoev… t.co/ZLsKrmgWlL
— ANI (@ANI) Dec 11, 2022
रोहतक से सांसद अरविंद शर्मा ने की है मांग
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रोहतक से बीजेपी सांसद अरविंद शर्मा ने कहा कि राज्य में अगला मुख्यमंत्री ब्राह्मण समुदाय से होना चाहिए। मैं यह नहीं कह रहा कि खट्टर जी को बदल दिया जाए। वह अगले 10 साल तक सीएम बने रह सकते हैं, लेकिन यह मेरी निजी राय है और पार्टी आलाकमान से अनुरोध है कि खट्टर के बाद अगला सीएम ब्राह्मण समुदाय से होना चाहिए।मुख्यमंत्री ने अरविंद शर्मा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह आभारी हैं कि वह उन्हें अगले 10 वर्षों के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। खट्टर ने कहा, "मैं उनका (अरविंद) आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मुझे दस साल के लिए मुख्यमंत्री के रूप में देखने की इच्छा व्यक्त की है। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने ब्राह्मण समुदाय को खुश करने के प्रयास में कई रियायतों की घोषणा की और परशुराम जयंती पर राजपत्रित अवकाश भी घोषित किया। आरएसएस के पूर्व प्रचारक और करनाल से दूसरी बार विधायक रहे खट्टर को भाजपा ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में चुना था, जब वह 2014 में अपने दम पर हरियाणा में पहली बार सत्ता में आई थी।
