Maan ki Baat PM Modi: पीएम मोदी बोले-जनभागीदारी ही सबसे बड़ी ताकत

  • Authored by: ललित राय
  • Updated May 28, 2023, 12:17 PM IST

Maan ki Baat PM Modi: पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के विकास के लिए जनभागीदारी ही सबसे बड़ी ताकत है।

Maan ki Baat PM Modi : पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के विकास के लिए जनभागीदारी ही सबसे बड़ी ताकत है।मन की बात से कई लोग एक मंच पर आए। देश के लिए अगला 25 साल बहुत ही महत्वपूर्ण है। एक भारत और श्रेष्ठ भारत की मुहिम को बढ़ाना है। युवा संगम युवाशक्ति के लिए नया मंच है।जब 'मन की बात' का प्रसारण हुआ, तो उस समय दुनिया के अलग-अलग देशों में, अलग-अलग Time zone में...कहीं शाम हो रही थी तो कहीं देर रात थी। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में लोगों ने 100वें एपिसोड को सुनने के लिए समय निकाला।

Maan Ki Baat, Narendra Modi

मन की बात का 101वां एपिसोड

मन की बात के खास अंश

  • बीते दिनों हमने मन की बात में काशी तमिल संगमम की बात की। सौराष्ट्र तमिल संगमम की बात की। कुछ समय पहले ही वाराणसी में काशी तेलुगू संगमम भी हुआ। एक भारत श्रेष्ठ भावना को ताकत देने वाला ऐसे ही एक और अनूठा प्रयास देश में हुआ है। ये प्रयास है- युवा संगम का।मन की बात' का ये एपिसोड सेकेंड सेंचुरी का प्रारंभ है। पिछले महीने हम सभी ने इसकी स्पेशल सेंचुरी को सेलिब्रेट किया है। आपकी भागीदारी ही इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत है।
  • हम सबने एक कहावत कई बार सुनी होगी, बार-बार सुनी होगी - बिन पानी सब सून। बिना पानी जीवन पर संकट तो रहता ही है, व्यक्ति और देश का विकास भी ठप्प पड़ जाता है। भविष्य की इसी चुनौती को देखते हुए आज देश के हर जिले में 75 अमृत सरोवरों का निर्माण किया जा रहा है।
  • आज 28 मई को महान स्वतंत्रता सेनानी, वीर सावरकर जी की जयंती है। उनके त्याग, साहस और संकल्प-शक्ति से जुड़ी गाथाएं आज भी हम सबको प्रेरित करती हैं।मैं, वो दिन भूल नहीं सकता, जब मैं अंडमान में, उस कोठरी में गया था जहां वीर सावरकर ने कालापानी की सजा काटी थी।
  • वीर सावरकर का व्यक्तित्व दृढ़ता और विशालता से समाहित था। उनके निर्भीक और स्वाभिमानी स्वाभाव को गुलामी की मानसिकता बिल्कुल भी रास नहीं आती थी। स्वतंत्रता आंदोलन ही नहीं, सामाजिक समानता और सामाजिक न्याय के लिए भी वीर सावरकर ने जितना कुछ किया उसे आज भी याद किया जाता है।
  • 1965 के युद्ध के समय, हमारे पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी ने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। बाद में अटल जी ने इसमें जय विज्ञान भी जोड़ दिया था। कुछ वर्ष पहले, देश के वैज्ञानिकों से बात करते हुए मैंने जय अनुसंधान की बात की थी। 'मन की बात' में आज बात एक ऐसे व्यक्ति की, एक ऐसी संस्था की, जो, जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान, इन चारों का ही प्रतिबिंब है।
  • देश में कई युवा अगर innovation और technology के जरिए काम कर रहे हैं, तो कई युवा ऐसे भी हैं जो समाज को जागरूक करने के mission में भी लगे हुए हैं।

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