Arvind Kejriwal on New Excise Policy: दिल्ली सरकार के लिए नई एक्साइज पॉलिसी परेशानी की वजह बन गया है हालांकि अब नई नीति अमल में नहीं है। दिल्ली के एलजी ने जब सीबीआई को केस चलाने की मंजूरी दी उसके कुछ दिन बाद ही पुरानी नीति को बहाल कर दिया गया। इस मामले में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल में हैं और सीबीआई के साथ ईडी का भी सामना कर रहे हैं। 16 अप्रैल को सीबीआई ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को भी पूछताछ के लिए बुलाया है उससे पहले उन्होंने सीबीआई और ईडी पर निशाना साधा। उनका कहना है कि ये दोनों एजेंसियां अदालत से झूठ बोल रही हैं और उसके खिलाफ दिल्ली सरकार अदालत में याचिका भी दायर करेगी। केजरीवाल के मुताबिक सिसोदिया पर 14 मोबाइल को नष्ट करने का आरोप है, लेकिन अब ईडी के अधिकारी कह रहे हैं कि उनके पास सिर्फ चार फोन हैं, सीबीआई अपने पास एक फोन बता रही है। यदि सिसोदिया ने सभी 14 फोन को नष्ट कर दिया है तो दोनों एजेंसियों को ये फोन कहां से मिले। सच तो यह है कि दोनों एजेंसियां अदालत से भी सरासर झूठ बोल रही हैं।
#WATCH | Manish Sisodia is accused of destroying 14 of his phones. Now ED is saying that out of that 4 phones are w… t.co/Q4EJexC0Ut
— ANI (@ANI) Apr 15, 2023
बिचौलिये ने निभाई भूमिका
नई एक्साइज पॉलिसी के निर्धारण में जांच एजेंसियों का कहना है कि यह बात सच है कि अरविंद केजरीवाल सीधे तौर पर कहीं नहीं है। लेकिन दूसरी तरफ सच्चाई यह भी है कि उन्हें सबकुछ पता था। आप के मीडिया विंग में काम करने वाले शख्स विजय नायर के जरिए शराब के उन बड़े सौदागरों से संपर्क साध कर दिल्ली में उत्तर भारत की शराब लॉबी को कमजोर करने को कोशिश की जा रही थी। मामला कट और कमीशन से सीधे तौर पर जुड़ा था। दिल्ली सरकार और पार्टी के बीच मिडलमैन की भूमिका निभा रहे विजय ने अपनी तरफ से पूरजोर कोशिश की डील पक्की हो जाए। लेकिन दक्षिण की लॉबी ने जब दबाव बनाया कि वो सरकार के मुखिया से सहमति चाहते हैं उस दशा में सीएम का नाम सामने आया।
