Manipur CM Exclusive: मणिपुरपिछले कई महीनों से हिंसा की आग में जल रहा है। मणिपुर में दो समुदाय मैतेई और कुकी के बीच हिंसक झड़प जारी है।इसी मुद्दे को लेकर जब टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्टर ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह (N. Biren Singh) से सवाल पूछा तो वह सवालों से बचते नजर आए।
सवालों से बचते दिखे सीएम
टाइम्स नाउ नवभारत के रिपोर्टर के शुरुआती सवालों के जवाब तो बीरेन सिंह ने दिए, लेकिन हिंसा से जुड़े अगले कुछ सवालों से वो बचते दिखे और कैमरे के सामने से निकल गए। रिपोर्टर उनसे सवाल पूछती रह गईं। बाद में उनके सुरक्षाकर्मियों ने रिपोर्टर को वहां से हटाने की भी कोशिश की।
कब भड़की हिंसा
मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में तीन मई को ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद राज्य में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। मणिपुर की आबादी में मेइती समुदाय के लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है और वे ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं, जबकि नगा और कुकी जैसे आदिवासियों की आबादी 40 प्रतिशत है और वे पहाड़ी जिलों में रहते हैं।
सवालों के घेरे में सीएम
मणिपुर में हो रही हिंसा को लेकर मणिपुर के सीएम बीरेन सिंह सवालों के घेरे में हैं। उनपर शासन चलाने में फेल रहने होने का आरोप लग रहा है। विपक्ष सीएम बीरेन सिंह का इस्तीफा मांग रहा है। विपक्ष का कहना है कि सीएम बीरेन सिंह मणिपुर में जारी हिंसा को शांत करने में असफल रहे हैं, इसलिए उन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
