पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग द्वारा शुरू किए गए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। बुधवार को एक बार फिर उन्होंने भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। मालदा के गजोले में एक एसआईआर विरोधी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने चुनाव से ठीक पहले इस प्रक्रिया के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को मास्टरमाइंड करार दिया।
एसआईआर के विरोध में ममता बनर्जी ने की रैली। फोटो- एएनआई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर छल से पश्चिम बंगाल की सत्ता पर कब्जा करने के लिए इस कवायद की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि भगवा खेमे ने बंगाल की नब्ज को समझने में गलती की और जल्दबाजी में इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाकर अपनी ही कब्र खोद ली।
ममता ने किया 39 मौतों का दावा
उन्होंने दावा किया कि फरवरी में चुनाव तारीखों की घोषणा से पहले जानबूझकर तीन महीने पहले यह प्रक्रिया शुरू कराई गई ताकि या तो लोग एसआईआर मानें या राष्ट्रपति शासन का रास्ता बनाए जाए।
सीएम के मुताबिक, 4 नवंबर को एसआईआर लागू होने के बाद मतदाता सूची से नाम हटने के डर में अब तक 39 लोगों की मौत हुई है, इनमें चार बीएलओ भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि टीएमसी पुनरीक्षण का विरोध नहीं करती, बल्कि 'राजनीतिक जल्दबाजी' का विरोध है।
बंगाल और बिहार एक नहीं हैं- ममता बनर्जी
अमित शाह पर सीधा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि अमित शाह किसी भी कीमत पर बंगाल की सत्ता चाहते हैं। लेकिन चालाकी से बंगाल नहीं जीता जा सकता। बंगाल और बिहार एक नहीं हैं। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने राज्य का 1.87 लाख करोड़ रुपये का बकाया रोका हुआ है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
भाजपा से धर्म सीखने की जरूरत नहीं- ममता बनर्जी
हिंदुत्व के मुद्दे पर भाजपा पर वार करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें भाजपा से धर्म सीखने की जरूरत नहीं। ममता ने कहा कि मैं चर्च, गुरुद्वारा, मस्जिद-हर जगह नियमों का पालन करती हूं। उन्होंने भाजपा से सवाल करते हुए कहा कि आपको सिर्फ मुस्लिम संस्कृति से समस्या क्यों होती है? सबकी अपनी संस्कृति होती है। मैं हर धर्म का सम्मान करती हूं। मैं बंगाल में अशांति नहीं होने दूंगी।
आगे बोलते हुए तृणमूल प्रमुख ने भाजपा को खटमल करार दिया। उन्होंने कहा कि खटमल तब तक काटते हैं, जब तक आप उन्हें हटा नहीं देते। उन्हें (भाजपा को) राजनीतिक रूप से हटाया जाना चाहिए, ताकि बंगाल को और नुकसान न पहुंचे।
