Rajyasabha: 'महिलाएं इनके लिए केवल वोटबैंक', खरगे का सवाल- भाजपा-आरएसएस ने क्यों आज तक नहीं बनाई महिला अध्यक्ष

खरगे ने सामाजिक न्याय,सामाजिक सद्भाव,संसदीय लोकतंत्र पर हमला,अर्थव्यवस्था और किसानों मजदूरों की दिक्कतें और विदेश नीति की खामियों पर जोरदार तरीके से अपनी बात रखी। खरगे ने कहा कि देश को यह जानने का अधिकार है कि मौजूदा सत्ता ने बीते वर्षों में वास्तव में कितना समय देशहित में दिया और कितना समय विदेश यात्राओं में बिताया।

बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान आज राज्यसभा में भी भारी हंगामा हुआ। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि 6062 शब्दों का अभिभाषण सरकार ने तैयार किया, लेकिन इसमें कई जरूरी सवालों और बातों का जिक्र नहीं है। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए पांच मुद्दे रखे। इस दौरान खरगे ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा के तरीके पर भी सवाल उठाया। साथ ही उन्होंने पूछा कि क्या भारत ने अमेरिकी दबाव के तहत किसी भी तरह का समझौता किया है।

mallikarjun kharge

मल्लिकार्जुन खरगे।

सामाजिक न्याय पर बोले खरगे

खरगे ने सामाजिक न्याय,सामाजिक सद्भाव,संसदीय लोकतंत्र पर हमला,अर्थव्यवस्था और किसानों मजदूरों की दिक्कतें और विदेश नीति की खामियों पर जोरदार तरीके से अपनी बात रखी। खरगे ने कहा कि देश को यह जानने का अधिकार है कि मौजूदा सत्ता ने बीते वर्षों में वास्तव में कितना समय देशहित में दिया और कितना समय विदेश यात्राओं में बिताया। उन्होंने सबसे पहले सामाजिक न्याय का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने सामाजिक संतुलन की बुनियाद को कमजोर किया है और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा प्रहार किया है।

End of Feed