भारतीय रेलवे यात्री आरक्षण प्रणाली (Passenger Reservation System) को पूरी तरह से आधुनिक और स्मार्ट बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। अब ट्रेन के चलने से 8 घंटे पहले चार्ट तैयार किया जाएगा, जिससे वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को समय रहते जानकारी मिल सकेगी और वैकल्पिक व्यवस्था करने में आसानी होगी।
रेलवे आरक्षण प्रणाली में बड़ा बदलाव (फाइल फोटो)
रेलवे की तैयारी
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में इन सुधारों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आरक्षण प्रक्रिया को स्मार्ट, पारदर्शी और यात्री-केंद्रित बनाया जाए।
चार्टिंग समय में बदलाव
- अब ट्रेन के चलने से 8 घंटे पहले चार्ट बनेगा।
- सुबह 2 बजे से पहले छूटने वाली ट्रेनों के लिए चार्ट रात 9 बजे ही तैयार कर दिया जाएगा।
दिसंबर 2025 तक नया PRS सिस्टम
- रेलवे एक नई आरक्षण प्रणाली विकसित कर रहा है जो वर्तमान की तुलना में 10 गुना अधिक तेज होगी।
- प्रति मिनट 1.5 लाख टिकट बुकिंग की क्षमता
- 40 लाख पूछताछ प्रति मिनट
- भाषा विकल्प, सीट चयन और किराया कैलेंडर जैसी स्मार्ट सुविधाएं
- दिव्यांगजन, छात्रों व मरीजों के लिए विशेष इंतजाम
तत्काल टिकट के लिए पहचान सत्यापन अनिवार्य
- 1 जुलाई 2025 से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए IRCTC वेबसाइट और ऐप पर पहचान सत्यापन जरूरी होगा।
- जुलाई के अंत तक OTP आधारित वेरिफिकेशन भी शुरू किया जाएगा
- आधार या डिजीलॉकर में मौजूद कोई भी सरकारी पहचान पत्र मान्य होगा
यात्रियों को होगा फायदा
रेलवे का यह कदम यात्रियों के लिए न केवल बुकिंग को आसान और पारदर्शी बनाएगा, बल्कि यात्रा अनुभव को भी पहले से कहीं ज्यादा बेहतर बनाएगा।
