Majewadi Dargah: गुजरात का जूनागढ़ मजेवाड़ी दरगाह की वजह से चर्चा में है। शुक्रवार की रात सैकड़ों की संख्या में भीड़ ने पुलिस पार्टी को निशाना बनाया जिसमें चार पुलिस वाले घायल हुए जिसमें एक डीएसपी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। जूनागढ़ के एसपी का कहना है कि हालात नियंत्रण में है और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही पुलिस टीम और नगरपालिका टीम के कर्मचारियों पर हमला करने वालों को पकड़ लिया जाएगा। लेकिन सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि जूनागढ़ सुलग उठा।इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।उन्होंने कहा कि घटना शुक्रवार रात जूनागढ़ के मजेवाड़ी दरवाजा के पास हुई। इस दौरान पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया तथा बाद में 174 लोगों को हिरासत में ले लिया।व्यक्ति की मौत का सही कारण पोस्टमॉर्टम के बाद पता चलेगा, लेकिन पुलिस को संदेह है कि भीड़ द्वारा फेंके गए पत्थर के कारण उसकी मौत हुई है।
जूनागढ़ के मजेवाड़ी दरगाह पर नोटिस पर बवाल
पांच प्वाइंट में पूरा मामला
- मजेवाड़ी गेट के पास दरगाह होने से लोग आमतौर पर मजेवाड़ी दरगाह कहते हैं। ताजे विवाद की शुरुआत पांच दिन पहले हुई। लेकिन विवाद का इतिहास पांच साल पुराना है। जूनागढ़ नगर निगम की तरफ से कागज मांगे गए और नोटिस चस्पा किया गया। ऐतराज नोटिस को लेकर था।
- 16 जून को शाम को जब लोगों को दरगाह की वैधता पर उठे सवाल की जानकारी हुई तो भीड़ दरगाह के पास जुटने लगी। मौके पर पहुंची पुलिस से बदतमीजी और पत्थरबाजी की गई। हालात संभालने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
- 16 जून की रात ही करीब 10 बजे एक बार फिर लोगों से बाहर निकले और पुलिस चौकी पर हमला कर दिया। पथराव में पुलिसकर्मियों को चोट आई और वाहनों को आग के हवाले कर दिया। हालात संभालने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
- पुलिस ने अपने साथियों को अस्पताल में भर्ती कराया। कुछ पत्थरबाजों को भी पकड़ा। सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा एक युवक की पिटाई का वीडियो भी वायरल हुआ हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
- पुलिस चौकी पर जब उपद्रवी हिंसा को अंजाम दे रहे थे तो विहिप के पूर्व जिलाध्यक्ष के भतीजे मौके पर थे और उसी दौरान उनकी मौत हो गई।
