PK की 'पदयात्रा': गांधी जयंती के साथ आगाज, पर क्या सियासत में नए सिरे से एंट्री का प्रयास?

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  • Updated Oct 2, 2022, 07:13 AM IST

चुनावी रणनीतिकार पीके यात्रा के दौरान हर पंचायत और प्रखंड तक पहुंचने का प्रयास करेंगे और बिना कोई छुट्टी लिए इसके खत्म होने तक इसका हिस्सा रहेंगे। वह अपनी यात्रा की शुरुआत पश्चिम चंपारण के भितिहारवा में गांधी आश्रम से करेंगे, जहां बापू ने 1917 में अपना पहला सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया था।

राजनीतिक रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) गांधी जयंती ( Gandhi Jayanti) के साथ अपने जन सुराज (Jan Swaraj) अभियान का आगाज करने जा रहे हैं। रविवार (दो अक्टूबर, 2022) को वह पश्चिम चंपारण जिले से बिहार (Bihar) में 3500 किलोमीटर की ‘‘पदयात्रा’’ शुरू करेंगे।

Political Analyst Prashant Kishor

प्रशांत किशोर जाने-माने चुनावी रणनीतिकार हैं।

माना जा रहा है कि किशोर की यह यात्रा 12-18 महीनों तक चल सकती है। सियासी गलियारों में इसके बाद उनके व्यापक रूप से राजनीति के क्षेत्र में नए सिरे से कदम रखने की संभावना है।

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