Elderly Man Assaulted on Nashik Train: महाराष्ट्र के नासिक जिले में गोमांस (Beef) ले जाने के संदेह में ट्रेन में यात्रियों द्वारा बुजुर्ग व्यक्ति पर हमला किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना का वीडियो एआईएमआईएम सांसद इम्तियाज जलील ने शेयर किया है। उन्होंने सरकार और पुलिस पर 'इन ताकतों' के खिलाफ आंखें मूंदने का आरोप लगाया है।
वीडियो में कई लोग बुजुर्ग व्यक्ति को घेरकर उस पर हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं
घटना कुछ दिन पहले इगतपुरी के पास धुले एक्सप्रेस में घटी थी। इसका वीडियो सामने आने के बाद ठाणे GRP ने पांच से ज्यादा पैसेंजर्स के खिलाफ FIR दर्ज की है। AIMIM सांसद इम्तियाज जमील ने वीडियो शेयर करते हुए सरकार और पुलिस की निंदा की।
विपक्ष ने इस पर तीखी आलोचना की है। धुले एक्सप्रेस पर इगतपुरी के पास हुई इस घटना का वीडियो एआईएमआईएम सांसद इम्तियाज जलील ने शेयर किया है। सरकारी रेलवे पुलिस ने शनिवार को बताया कि कथित घटना इस सप्ताह की शुरुआत में हुई थी। ठाणे जीआरपी ने पांच से अधिक यात्रियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। बहस सबसे पहले सीट को लेकर शुरू हुई।
'यह गोमांस नहीं बल्कि बकरे का मांस था'
वीडियो में कई लोग बुजुर्ग व्यक्ति को घेरकर उसे धमकाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद समूह उस व्यक्ति पर हमला करता है, जबकि वह उनके सामने गिड़गिड़ाता रहता है। बुजुर्ग व्यक्ति यह भी कहते हुए सुनाई दे रहा है कि यह गोमांस नहीं बल्कि बकरे का मांस था।
जीआरपी ने कहा कि बुजुर्ग व्यक्ति हाजी अशरफ मुन्यार जलगांव जिले का निवासी था। वह कल्याण में अपनी बेटी के घर जा रहा था, तभी उसके सहयात्रियों ने कथित तौर पर उसकी पिटाई कर दी।
हमला करने वाले लोगों की पहचान कर ली गई है
जीआरपी ने कहा कि व्यक्ति पर हमला करने वाले लोगों की पहचान कर ली गई है, एक अधिकारी ने कहा, 'हमने वीडियो का संज्ञान लिया है और पीड़ित की पहचान कर ली है। हमले में शामिल कुछ लोगों की भी पहचान कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है।'
'हम मूकदर्शक बनकर नहीं रह सकते'
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए एआईएमआईएम सांसद इम्तियाज जलील ने कहा कि खड़े होकर 'इन ताकतों का मुकाबला करने'की जरूरत है क्योंकि ऐसी घटनाएं आम चलन बन गई हैं।
औरंगाबाद के सांसद ने ट्वीट किया, 'हम मूकदर्शक बनकर नहीं रह सकते, अब समय आ गया है कि हम सभी धर्मनिरपेक्ष भारतीय इन ताकतों को हराने के लिए एकजुट हों। इन लोगों में कितना ज़हर फैल चुका है और वे किसी ऐसे व्यक्ति के साथ ऐसा करने के बारे में कैसे सोच सकते हैं जो शायद उनके दादा की उम्र का हो।' उन्होंने आगे कहा, 'अब ज्ञापन देना और सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर करना बंद कर दिया गया है। अगर सरकार और पुलिस आंखें मूंद रही है, तो हमें एक समुदाय के तौर पर खड़े होकर इन ताकतों का मुकाबला करना होगा। यह अब एक सामान्य चलन बन गया है और हम भारतीय होने के नाते कुछ नहीं कर रहे हैं।'
