Maharashtra Cloud Burst Situation: महाराष्ट्र के जलगांव और उसके आस-पास के इलाकों में बादल फटने की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे 10 गांव प्रभावित हुए हैं। यह जानकारी जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद ने मंगलवार रात को दी। जिला कलेक्टर ने बताया कि प्राथमिक जानकारी के अनुसार, 452 घर जलमग्न हो गए हैं और लगभग 2500 हेक्टेयर जमीन को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि इस स्थिति के कारण एक व्यक्ति की मौत भी हुई है।
महाराष्ट्र के जलगांव और उसके आसपास के इलाकों में बादल फटने की स्थिति पैदा हुई। (Photo- ANI)
SDRF घरों में पहुंचा रहा भोजन
आयुष प्रसाद ने ANI को बताया, 'जलगाँव और उसके आस-पास के इलाकों में बादल फटने की स्थिति पैदा हो गई है... इसके कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है... आस-पास के घरों में पानी घुस गया है, जिससे 10 गांव प्रभावित हुए हैं।' उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) उन लोगों को राहत के तौर पर भोजन वितरित कर रहा है जिनके पास खाने को नहीं बचा।
घरों में पानी, 250 मवेशी मरे...1800 पशुओं की मौत
उन्होंने कहा, 'प्राथमिक जानकारी के अनुसार, 452 घर जलमग्न हो गए हैं और लगभग 2500 हेक्टेयर भूमि को नुकसान पहुंचा है, जिसमें जमाव भी शामिल है और एक व्यक्ति की मौत की भी खबर है... लगभग 250 मवेशी मर गए हैं... लगभग 1800 पशुओं की मौत की सूचना है... हमने बिजली कनेक्शन बहाल कर दिया है... महाराष्ट्र SDRF उन लोगों को राहत के तौर पर भोजन भी वितरित कर रहा है जिनका खाना खराब हो गया है।'
'नुकसान का आकलन कर मुआवजे का होगा ऐलान'
इस बीच, महाराष्ट्र के जल संसाधन एवं आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने मंगलवार को जलगांव में भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का आकलन किया।
महाजन ने बताया कि जिले की 4 तहसीलों में दो दिनों तक भारी बारिश जारी रही, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिकारी नुकसान का मुआवजा दे सकें।
महाजन ने ANI को बताया, '4 तहसीलों में दो दिनों तक भारी बारिश जारी रही, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है... लोगों के घरों में पानी घुस गया और फसलें भी बह गईं।' उन्होंने कहा, 'मैं यहां स्थिति का आकलन करने आया हूं... सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया गया है ताकि हम नुकसान उठाने वालों को मुआवजा दे सकें।'
