PV Kulkarni: महाराष्ट्र के बीड में प्रशासन के सख्त रुख के आगे नीट (NEET) पेपर लीक मामले के आरोपी पी. वी. कुलकर्णी की कंस्ट्रक्शन कंपनी को घुटने टेकने पड़े हैं। बीड नगर परिषद (Beed Municipal Council) द्वारा अवैध निर्माण को गिराने की आखिरी चेतावनी (अल्टीमेटम) दिए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर, कंपनी ने सोमवार को खुद ही बुल्डोजर चलाकर अपने प्रोजेक्ट के अवैध हिस्से को मलबे में तब्दील कर दिया। प्रशासन की टीम जब तक हथौड़ा और बुल्डोजर लेकर मौके पर पहुंचती, उससे पहले ही डेवलपर्स ने खुद ही अवैध ढांचा हटा लिया।
NEET पेपर लीक के आरोपी PV कुलकर्णी पर बीड नगर परिषद का एक्शन, बुल्डोजर लगाकर ढहाया करोड़ों का अवैध निर्माण
6,000 स्क्वायर फीट के प्लॉट पर बिना इजाजत चल रहा था काम
बीड नगर परिषद के अधिकारियों के मुताबिक, बीड के शाहूनगर इलाके में स्थित एक करीब 6,000 स्क्वायर फीट से अधिक बड़े प्लॉट पर 'शिवशक्ति बिल्डर्स एंड डेवलपर्स' (Shivshakti Builders and Developers) नाम की फर्म एक प्रोजेक्ट का निर्माण कर रही थी।
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि इस प्रोजेक्ट के तहत बिना किसी आधिकारिक मंजूरी या बिल्डिंग परमिशन के ही बेसमेंट (तहखाना) बना लिया गया था और आरसीसी (RCC) के बड़े-बड़े खंभे खड़े कर दिए गए थे। रिकॉर्ड के मुताबिक, इस कंस्ट्रक्शन फर्म में नीट पेपर लीक के मुख्य आरोपी प्रल्हाद विट्ठलराव कुलकर्णी उर्फ पी. वी. कुलकर्णी (P V Kulkarni) सहित कुल पांच पार्टनर हैं।
नगर परिषद ने थमाए थे दो कड़े नोटिस, वसूली की भी थी चेतावनी
इस अवैध निर्माण की शिकायत मिलने के बाद बीड नगर परिषद ने महाराष्ट्र क्षेत्रीय और नगर नियोजन (MRTP) अधिनियम, 1966 के तहत कार्रवाई शुरू की। प्रशासन ने सबसे पहले 20 मई को बिल्डर्स को नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर अवैध निर्माण हटाने को कहा था। जब तय समय सीमा में काम नहीं रुका, तो 29 मई को दूसरा कड़ा नोटिस थमाया गया। इस अंतिम नोटिस में साफ शब्दों में चेतावनी दी गई थी कि यदि 3 दिनों के भीतर अवैध ढांचा नहीं हटाया गया, तो नगर परिषद खुद बुल्डोजर चलाकर इसे ध्वस्त कर देगी और इस डिमोलिशन (तोड़फोड़) में आने वाला पूरा खर्च भी बिल्डर्स से ही वसूला जाएगा।
