पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के कथित हैंडलर शहजाद भट्टी के आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने चौतरफा कार्रवाई शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा दो दिन पहले पंजाब और दिल्ली से भट्टी के 6 संदिग्ध गुर्गों को गिरफ्तार किए जाने के बाद, अब शुक्रवार को महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने पूरे राज्य में एक साथ कई शहरों में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया है। ATS का यह एक्शन उन लोगों के खिलाफ है जो सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी के सीधे संपर्क में थे।
मुंबई-ठाणे समेत कई जिलों में छापेमारी (फाइल)
11 ठिकानों पर ATS की रेड
अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र ATS की टीमें मुंबई, ठाणे, कुर्ला, बांद्रा, जोगेश्वरी, नवी मुंबई, मीरा रोड, भयंदर, सांगली, सतारा और छत्रपति संभाजीनगर सहित कई अन्य ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर रही हैं। संदिग्धों के डिजिटल फुटप्रिंट्स की गहन जांच की जा रही है ताकि सीमा पार फैले इस खतरनाक नेटवर्क की हर कड़ी को बेनकाब किया जा सके। इस सिलसिले में ATS ने अपनी 14 इकाइयों के माध्यम से कुल 112 व्यक्तियों की पहचान की है।
दिल्ली में पेट्रोल बम हमलों की थी बड़ी साजिश
यह पूरी कार्रवाई दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा बुधवार को किए गए एक बड़े खुलासे के बाद शुरू हुई है। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने शहजाद भट्टी के इशारे पर देश की राजधानी दिल्ली के अति-संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में 'पेट्रोल बम' से सिलसिलेवार हमलों की साजिश रची थी।
आरोपियों ने दिल्ली के कई व्यस्त बाजारों की रेकी की थी और इन ठिकानों के वीडियो बनाकर प्रतिबंधित मैसेजिंग ऐप के जरिए पाकिस्तान में बैठे भट्टी को भेजे गए थे। पुलिस ने जांच के दौरान पेट्रोल बम भी बरामद किए थे। मुख्य आरोपी दानिश उर्फ चांद मियां को दिल्ली में धमाकों की प्लानिंग के लिए 20,000 रुपये का लालच दिया गया था, जबकि उसका साथी सलमान हमलों की वीडियो रिकॉर्डिंग कर भट्टी को भेजने वाला था। इस नेटवर्क में सबसे अहम भूमिका मल्कीत सिंह की थी, जो पाकिस्तान से ड्रोन्स के जरिए सीमा पर गिराए गए हथियारों की खेप को रिसीव करता था। इसके बाद जुबैर खान, तैय्यब और अली फजल जैसे गुर्गे इन हथियारों को अमृतसर से दिल्ली और अन्य हिस्सों में सप्लाई और बेचने का काम संभाल रहे थे।
