महाराष्ट्र ने बदला कानून: अब एसिड अटैक पीड़ितों की पहचान होगी सुरक्षित,ऑनलाइन यौन उत्पीड़न पर जेल जाएंगे अपराधी

महाराष्ट्र ने BNS संशोधन बिल 2026 पास कर एसिड अटैक पीड़ितों की पहचान सुरक्षित रखने और ऑनलाइन यौन उत्पीड़न पर सजा का प्रावधान किया है। नए कानून के तहत डिजिटल उत्पीड़न के मामलों में तीन साल तक की जेल हो सकती है।

महाराष्ट्र में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक अहम कदम उठाया गया है। राज्य विधान परिषद ने बुधवार को सर्वसम्मति से भारतीय न्याय संहिता (महाराष्ट्र संशोधन) विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी। इस संशोधन के तहत एसिड अटैक पीड़ितों की पहचान को सुरक्षित रखने और ऑनलाइन यौन उत्पीड़न को दंडनीय अपराध बनाने के प्रावधान जोड़े गए हैं।

महिला सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र में बड़ा कदम।

महिला सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र में बड़ा कदम।

विधानसभा से पहले ही हो चुका था पारित

यह विधेयक पहले ही विधानसभा से पारित हो चुका था और अब परिषद की मंजूरी के बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, जो गृह विभाग भी संभालते हैं, ने सदन में कहा कि यह कदम महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्ती से रोक लगाने की दिशा में उठाया गया है।

End of Feed