Anna University Student Sexual Assault: मद्रास उच्च न्यायालय ने अन्ना विश्वविद्यालय के छात्रा यौन उत्पीड़न मामले पर स्वत: संज्ञान लिया है। जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और जस्टिस वी लक्ष्मीनारायणन की खंडपीठ ने एक वकील आर वरलक्ष्मी के अनुरोध के बाद स्वत: संज्ञान याचिका शुरू की। बता दें कि इस मामले पर राज्य में माहौल गर्म है और रोजाना प्रदर्शन हो रहे हैं। न सिर्फ छात्र बल्कि राजनीतिक दल भी डीएमके सरकार को निशाने पर ले रहे हैं।
मद्रास हाई कोर्ट
जानिए क्या है पूरा मामला
ये मामला दिल्ली के निर्भया कांड जैसा ही जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। चेन्नई में अन्ना यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली छात्रा से उसी के कैंपस में बिरयानी का ठेला लगाने वाले एक शख्स ने दुष्कर्म किया। यह घटना 23 दिसंबर रात आठ बजे की बताई जा रही है। हैरत की बात है कि जहा्ं रेप की घटना को अंजाम दिया है वह यूनिवर्सिटी कैंपस के ही अंदर ही है। पुलिस ने आरोपी की पहचान ज्ञानशेखरन के रूप में की और उसे गिरफ्तार कर लिया। लेकिन कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर छात्र आक्रोश में हैं।
खबरों के अनुसार पीड़िता अपने दोस्त से मिलने के लिए कैंपस की पुरानी बिल्डिंग के पास गई थी तभी आरोपी ज्ञानशेखरन ने दोनों का वीडियो बना लियाया और बाद में लड़के को डरा धमका कर वहां से भगा दिया। इसके बाद छात्रा से रेप किया और उसका फोन नंबर लेकर उसे धमकी दी कि जब भी वह उसे जहां बुलाए उसे आना होगा। लड़की ने हिम्मत जुटाते हुए 100 नंबर पर शिकायत कर दी जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
बीजेपी ने चलाया अभियान
भारतीय जनता पार्टी और एआईएडीएमके इसे लेकर काफी मुखर है और इसे बड़ा मुद्दा बना दिया है। बीजेपी राज्य प्रमुख के. अन्नामलाई ने शुक्रवार को डीएमके सरकार के खिलाफ विरोध जताने के लिए कोयंबटूर स्थित अपने आवास के बाहर खुद को कोड़े मारे। के अन्नामलाई ने डीएमके सरकार पर आरोप लगाया कि चेन्नई में अन्ना यूनिवर्सिटी के छात्राओं की सुरक्षा करने में राज्य सरकार विफल रही है। इससे पहले उन्होंने कहा था कि शुक्रवार सुबह 10 बजे वह खुद को छह कोड़े मारेंगे, ताकि छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न की घटना पर राज्य सरकार का ध्यान जा सके।
डीएमके सरकार और पुलिस पर पीड़िता की निजी जानकारी लीक करने का आरोप लगाया और इसे शर्मनाक कृत्य बताया है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह प्रशासन की अक्षमता को दिखाता है। उन्होंने गुरुवार को घोषणा की थी कि जब तक डीएमके सत्ता से बाहर नहीं हो जाती, तब तक वे जूते नहीं पहनेंगे।
