Madhya Pradesh Assembly Elections: मध्य प्रदेश में इस साल विधानसभा चुनाव से पहले क्या भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में सब कुछ ठीक है? क्या केंद्रीय नागरिक विमानन और इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी ही पार्टी से रूठ गए हैं?...और क्या वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से खफा हैं और कुछ बड़ा कदम उठाने वाले हैं? ये वे सारे कयास से जुड़े सवाल हैं, जो बीजेपी और सिंधिया को लेकर तेजी से लगाए जाने लगे थे और बाद में इन पर उन्हें अपनी चुप्पी तोड़नी पड़ी। उन्होंने इसे फेक न्यूज ("फर्जी खबर") करार देते हुए कहा कि सारे दावे निराधार हैं।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया। (फाइल)
दरअसल, दक्षिण भारत के सूबे कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से बीजेपी को उन दावों और अटकलों का सामना करना पड़ा है, जिनमें कहा गया कि आगे जहां-जहां चुनाव होने (मध्य प्रदेश, यूपी, महाराष्ट्र और राजस्थान) हैं, वहां भगवा पार्टी को अंदरूनी सियासी कलह से जूझना पड़ रहा है। पार्टी भी इस तरह की बातों का जवाब देने में संघर्ष करते नजर आई।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के टि्वटर प्रोफाइल पर बायो में फिलहाल बीजेपी का कहीं कोई जिक्र नहीं है।
इसी बीच, रविवार (21 मई, 2023) को सिंधिया को यह साफ करना पड़ा कि उनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भाजपा के साथ अपने संबंधों के सभी निशान हटाने से जुड़े ये सारे दावे निराधार हैं। उन्होंने कहा कि यह "फर्जी खबर" थी, क्योंकि उन्होंने पिछले तीन साल में अपने टि्वटर प्रोफाइल में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया।
माइक्रो ब्लॉगिंग मंच टि्वटर पर केंद्रीय मंत्री के ऑफीशियल हैंडल (@JM_Scindia) पर फिलहाल बायो में जो जानकारी दी गई है, वह इस प्रकार है: भारत सरकार में केंद्रीय नागरिक विमानन और इस्पात मंत्री, जन सेवक और क्रिकेट को लेकर जुनूनी हूं।
वैसे, इससे पहले मध्य प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले युवा नेता को लेकर हुए पोस्ट्स ने लोगों का खासा ध्यान खींचा था। ऐसा इसलिए क्योंकि सिंधिया के अपने ट्विटर प्रोफाइल से कांग्रेस पार्टी के संदर्भ को हटाने का कदम पार्टी छोड़ने की उनकी योजना का सबसे पहला संकेत था।
